मऊ। ऑनलाइन क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मंगाए गए खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर एक मामला सामने आया है। शुक्रवार को शहर के पुरानी तहसील निवासी जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रतिनिधि राकेश तिवारी ने ब्लिंकिट से सामान मंगाया था। डिलीवरी के बाद जब उन्होंने पैकेट की जांच की तो बंद पैकेट वाली सूजी में कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए।

मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि शिकायतकर्ता खुद खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़े हुए हैं, जिसके कारण इस घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है।

ऑनलाइन मंगाए गए सामान में मिली खराबी

जानकारी के अनुसार, राकेश तिवारी ने शुक्रवार को ब्लिंकिट के माध्यम से कुछ घरेलू सामान ऑर्डर किया था। कंपनी के डिलीवरी कर्मचारी ने तय समय पर सामान पहुंचाया।

डिलीवरी के बाद जब उन्होंने पैकेट खोलकर सामान की जांच की तो सूजी के पैकेट में कुछ संदिग्ध दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर पता चला कि पैकेट बंद होने के बावजूद उसके अंदर कीड़े रेंग रहे थे।

उन्होंने बताया कि पैकेट बाहर से पूरी तरह बंद था, लेकिन अंदर मौजूद सूजी खराब हो चुकी थी।

खाद्य गुणवत्ता पर उठे सवाल

खाद्य पदार्थों में इस तरह की शिकायतें उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। सूजी, आटा, दाल और अन्य खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना जरूरी होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खाद्य सामग्री को सही तापमान और साफ वातावरण में नहीं रखा जाए तो उसमें कीड़े लग सकते हैं। इसके अलावा पैकेजिंग और स्टोरेज प्रक्रिया में लापरवाही भी इसका कारण बन सकती है।

खाद्य विभाग से जुड़े व्यक्ति ने उठाया मुद्दा

राकेश तिवारी जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधि हैं। ऐसे में उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाद्य सामग्री खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी सामान प्राप्त होने के बाद उसकी गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच करनी चाहिए।

उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत

इस घटना के बाद उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि ऑनलाइन माध्यम से खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें।

सामान मिलने के बाद पैकेट की सील, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और उत्पाद की गुणवत्ता जरूर जांचनी चाहिए। किसी भी तरह की खराबी मिलने पर तुरंत संबंधित कंपनी और खाद्य विभाग को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों की जिम्मेदारी

क्विक कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से अब बड़ी संख्या में लोग घर बैठे खाद्य सामग्री मंगा रहे हैं। ऐसे में इन कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि वे ग्राहकों तक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद पहुंचाएं।

गोदामों में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, तापमान नियंत्रण और स्टॉक की नियमित जांच जरूरी है।

कार्रवाई की संभावना

मामले के सामने आने के बाद अब यह देखा जा रहा है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या कदम उठाए जाते हैं। विभाग जरूरत पड़ने पर संबंधित उत्पाद, सप्लायर और स्टोरेज व्यवस्था की जांच कर सकता है।

यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कंपनी या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार खराब या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई भी की है।

इस तरह की घटनाएं खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जरूरत को सामने लाती हैं।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण

खाद्य सामग्री सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में कंपनियों और दुकानदारों की जिम्मेदारी है कि वे केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही ग्राहकों तक पहुंचाएं।

ब्लिंकिट से मंगाई गई सूजी में कीड़े मिलने की घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल मामले की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंच चुकी है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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