450 से ज्यादा छात्रों को चिराग की सीख, नेतृत्वकर्ता बनने का किया आह्वान

Update: 2026-07-18 15:53 GMT

Greater Noida ग्रेटर नोएडा :  जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (जीआईएमएस) द्वारा पीजीडीएम सत्र 2026-28 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘मेराकी-2026’ इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया गया। शिक्षा, उद्योग, नेतृत्व, प्रेरणा और मनोरंजन के संगम बने इस कार्यक्रम में देशभर से आए विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब युवा शिक्षा के साथ कौशल, अनुशासन, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रहने का नहीं है, बल्कि खुद को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानकर लगातार सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होता। मेहनत, ईमानदारी, सकारात्मक सोच और लगातार प्रयास ही किसी भी व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी पाने की मानसिकता तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार देने वाले और समाज में बदलाव लाने वाले नेतृत्वकर्ता बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और युवाओं के लिए नए अवसरों के कई रास्ते खुल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग देश के विकास में योगदान देने के लिए करना चाहिए।

कार्यक्रम में जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता और जीआईएमएस के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम सहित संस्थान के सभी निदेशक, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम का संचालन डीन डॉ. शालिनी शर्मा ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग जगत से जुड़ाव, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

‘मेराकी-2026’ कार्यक्रम में देश के 23 राज्यों से आए 450 से अधिक नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके साथ ही उनके अभिभावक, 40 से अधिक राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी कार्यक्रम का हिस्सा बनीं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों, प्रबंधन क्षेत्र में नई तकनीकों और नेतृत्व कौशल के महत्व से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में प्रबंधन शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी ज्ञान और समस्या समाधान की क्षमता भी बेहद जरूरी है।

जीआईएमएस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को संस्थान के वातावरण से परिचित कराना और उनके अंदर आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा पेशेवर दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ विद्यार्थियों ने अपने नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ की।

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