कांवड़ यात्रा से पहले दावों की खुली पोल: जर्जर सड़कें और जगह-जगह गंदगी से परेशान शिवभक्त
लोनी: पवित्र सावन मास के आरंभ के साथ ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में भी कांवड़ यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। पर्व को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, सुरक्षा, चिकित्सा शिविर, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे अहम मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार उच्च स्तरीय विभागीय बैठकें हो रही हैं। हालांकि, इन तमाम प्रशासनिक दावों के बीच कांवड़ियों की सबसे बुनियादी और बड़ी जरूरत—सुरक्षित, स्वच्छ व समतल मार्ग—की स्थिति अभी भी काफी दयनीय बनी हुई है।
सेवा धाम चौकी से लोनी बॉर्डर थाना तक बदहाल मार्ग
लोनी क्षेत्र के मुख्य कांवड़ मार्ग, विशेषकर सेवा धाम चौकी से लेकर लोनी बॉर्डर थाने तक के हिस्से की हालत बेहद खस्ता है। इस प्रमुख मार्ग पर जगह-जगह सड़कें उखड़ी हुई हैं, गहरे गड्ढे बन गए हैं, जलभराव की गंभीर समस्या है और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थिति यह है कि यह बदहाल व्यवस्था सावन में आने वाले शिवभक्तों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है। ज्ञात हो कि हर वर्ष हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और अन्य पावन स्थलों से गंगाजल लेकर लाखों की संख्या में कांवड़िये इसी मार्ग से होकर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं।
नंगे पैर चलने वाले भक्तों के लिए बढ़ सकता है खतरा
कांवड़ यात्रा के दौरान अधिकांश श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा पूरी तरह नंगे पैर तय करते हैं। ऐसे में उखड़ी हुई सड़कें, नुकीले पत्थर, जगह-जगह भरा गंदा पानी और फैली हुई गंदगी न केवल उनकी राह में मुश्किलें खड़ी करती हैं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं और संक्रामक बीमारियों का कारण भी बन सकती है। यात्रा शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है, ऐसे में समय रहते यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो शिवभक्तों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जल निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
कांवड़ यात्रा से ठीक पहले शहर में सीवर ओवरफ्लो और सफाई व्यवस्था को लेकर जल निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि यदि वक्त रहते सड़कों के गड्ढों को नहीं भरा गया, सीवर लाइनों की सफाई नहीं हुई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो यात्रा के दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर कांवड़ मार्ग को पूरी तरह स्वच्छ, गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बनाया जाए।
प्रशासन का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोनी के उपजिलाधिकारी (SDM) दीपक सिंघनवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कांवड़ यात्रा मार्ग से जुड़े सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। सीवर की सफाई करवाने, जल निकासी के रास्ते दुरुस्त करने और सड़क के उखड़े हिस्सों को भरकर उसे पूरी तरह समतल करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर लिया जाएगा, ताकि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।