उत्तर प्रदेश : फतेहपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। खागा तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में मंगलवार को एक कनिष्ठ सहायक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी बाबू की पहचान राहुल कुमार बौद्ध के रूप में हुई है। कार्रवाई प्रयागराज से पहुंची भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 13 सदस्यीय टीम ने की। जैसे ही टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय में रिश्वत लेते बाबू को पकड़ा, तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आरोप है कि आरोपी कनिष्ठ सहायक एक व्यक्ति को उसके द्वारा कराए गए बैनामे को गलत बताते हुए मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रहा था। बताया गया कि मुकदमे और संभावित कार्रवाई से बचाने के नाम पर उसने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लगातार रिश्वत मांगे जाने से परेशान पीड़ित ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई और आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
एंटी करप्शन टीम के मुताबिक, फतेहपुर के संग्रामपुर सानी निवासी भीम सिंह ने 17 जून को एक बैनामा कराया था। इसके बाद खागा स्थित उप निबंधक कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध ने कथित तौर पर बैनामे को गलत बताते हुए भीम सिंह पर कार्रवाई की धमकी दी। आरोप है कि बाबू ने कहा कि बैनामे को लेकर मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है और कार्रवाई से बचने के लिए एक लाख रुपये देने होंगे। पीड़ित के मुताबिक, कई बार रकम की मांग किए जाने के बाद उसने रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत करने का फैसला किया।
भीम सिंह ने आठ अगस्त को प्रयागराज स्थित भ्रष्टाचार निवारण संगठन की इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले की पुष्टि के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद मंगलवार को प्रयागराज से 13 सदस्यीय ट्रैप टीम खागा पहुंची। टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाया। दोपहर करीब दो बजे पीड़ित ने आरोपी बाबू को रिश्वत की रकम एक लाख रुपये दी। जैसे ही आरोपी ने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर लोक सेवक गवाह भी मौजूद रहे। टीम ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी राहुल कुमार बौद्ध के खिलाफ संबंधित कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोपी प्रतापगढ़ जिले के पूरेघनी, रेडबीर और कोतवाली देहात क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
एआईजी स्टाम्प मोहम्मद मसूदखान ने भी रजिस्ट्री कार्यालय में तैनात बाबू के रिश्वत लेते पकड़े जाने की जानकारी मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी कराई जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों में भी हलचल मच गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले कुशीनगर में जिला उद्योग विभाग के एक क्लर्क को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। आरोप था कि वह सब्सिडी की पहली किस्त खाते में भेजने के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया था।
फतेहपुर की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को सामने ला दिया है। रजिस्ट्री और जमीन से जुड़े कामों में आम लोगों को परेशान किए जाने तथा कार्रवाई का डर दिखाकर कथित तौर पर पैसे मांगने के आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हैं।