उत्तर प्रदेश : दादरा एवं नागर हवेली के सिलवासा में पत्नी की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाकर फरार हुए आरोपी पति को करीब दो महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया। सिलवासा पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को मंडुआडीह क्षेत्र के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी वाराणसी की एक फैक्ट्री में अपनी पहचान छिपाकर दूसरे नाम से नौकरी कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर सिलवासा पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के नवादा जिले के रहने वाले ऋषभ कुमार सिंह के रूप में हुई है। ऋषभ अपनी पत्नी छोटी उपाध्याय के साथ सिलवासा में किराए के मकान में रहता था। बताया गया है कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर उन्होंने प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों सिलवासा में रहकर जीवन यापन कर रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि दंपती के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि छोटी उपाध्याय अक्सर अपने पति ऋषभ पर अपने घर चलने का दबाव बनाती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया और नौ जून को ऋषभ ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को प्लास्टिक में लपेटा और उसे एक बड़े सूटकेस में रखकर बंद कर दिया। इसके बाद वह मकान में ताला लगाकर वहां से फरार हो गया। वारदात के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके। उधर, बंद कमरे में शव पड़े रहने के कारण आसपास के लोगों को काफी समय तक घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।
करीब दो महीने बाद मकान मालिक किसी अन्य व्यक्ति को कमरा दिखाने के लिए वहां पहुंचे। जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी। उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी सिलवासा पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को एक बड़ा सूटकेस मिला। उसे खोलने पर अंदर महिला का शव बरामद हुआ। बाद में शव की पहचान छोटी उपाध्याय के रूप में की गई।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और आरोपी पति की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उसके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस को पता चला कि वारदात के बाद ऋषभ अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा और आखिरकार उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच गया। यहां उसने अपनी पहचान छिपाकर मंडुआडीह के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में नौकरी शुरू कर दी थी।
आरोपी के वाराणसी में होने की सूचना मिलने के बाद सिलवासा पुलिस ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ की वाराणसी इकाई से संपर्क किया। इसके बाद दोनों टीमों ने आरोपी की तलाश के लिए संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस ने चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी फैक्ट्री में दूसरे नाम से काम कर रहा था और अपनी वास्तविक पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पत्नी की हत्या से जुड़े घटनाक्रम के संबंध में पुलिस को जानकारी दी है। हालांकि, मामले में हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद आरोपी किन-किन स्थानों पर रहा और उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सिलवासा पुलिस को ट्रांजिट रिमांड प्रदान कर दी। इसके बाद सिलवासा पुलिस आरोपी को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अब मामले की आगे की जांच सिलवासा में की जाएगी और पुलिस हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटाएगी।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि मृतका छोटी उपाध्याय का इससे पहले भी विवाह हो चुका था। इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस दंपती के संबंधों, उनके बीच चल रहे विवाद और हत्या से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
करीब दो महीने तक आरोपी का फरार रहना और वाराणसी की फैक्ट्री में नाम बदलकर नौकरी करना मामले को और गंभीर बनाता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद हत्या की वजह, वारदात की परिस्थितियों और फरारी के दौरान उसके ठिकानों से जुड़े कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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