यूपी विधानसभा सत्र से पहले सीएम योगी ने दिए सकारात्मक चर्चा के संकेत

Update: 2026-08-02 09:36 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले रविवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के सुचारु संचालन को लेकर सभी दलों के बीच सहमति बनाना और सदन की कार्यवाही को बेहतर तरीके से चलाने पर चर्चा करना था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे मानसून सत्र के दौरान आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ सदन में उठाएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं को रखने का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। यहां होने वाली सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा से प्रदेश के विकास को गति मिलती है और लोगों की परेशानियों का समाधान निकालने में मदद मिलती है।

नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए, वहीं सरकार भी उन विषयों पर गंभीरता से विचार करती है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे सदन की गरिमा बनाए रखते हुए रचनात्मक चर्चा में भाग लें, ताकि प्रदेश के विकास से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से लिए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सदन तक पहुंचाना चाहिए। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होने से सरकार को भी जमीनी स्थिति समझने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी सदस्यों से मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता की उम्मीदों का केंद्र है और यहां होने वाली चर्चा प्रदेश के भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए सभी सदस्यों को नियमों और परंपराओं का पालन करते हुए सदन में अपनी बात रखनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार तीन अगस्त से शुरू हो रहा है। इस सत्र में योगी सरकार चार अगस्त को अनुपूरक बजट पेश करेगी। सरकार की ओर से बजट में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं विपक्ष भी जनता से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर समेत कई नेता शामिल हुए।

इसके अलावा कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, निषाद पार्टी विधानमंडल दल के नेता रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आरके पटेल और राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान भी बैठक में उपस्थित रहे।

मानसून सत्र को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जहां सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास योजनाओं को सदन में रखने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं जैसे मुद्दों को उठाने की रणनीति बना रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई कि सभी दल प्रदेश हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन की कार्यवाही में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए।

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