उत्तर प्रदेश: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी पूज्य गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, संस्कार और सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करते हैं। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समस्त गुरुजनों को अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु केवल शिक्षा प्रदान करने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और चरित्र निर्माण के आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक, नैतिकता और राष्ट्र सेवा की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा हजारों वर्षों से समाज को ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ती रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उसे जीवन में सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता भी प्रदान करता है। गुरु के आशीर्वाद से ही व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में गुरु को ईश्वर के समान सम्मान दिया गया है और गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी माना जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में सभी गुरुजनों को मानवता का पथ-प्रदर्शक बताते हुए कहा कि वे एक श्रेष्ठ, संस्कारवान और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु समाज में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना का विकास करते हैं। ऐसे गुरुजनों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला तैयार करता है। उन्होंने सभी पूज्य गुरुजनों को कोटिशः नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का उत्सव है, जो ज्ञान, आत्मविकास और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देती है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हैं। यह पर्व समाज को शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के महत्व की याद दिलाता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में गुरु के उपदेशों को अपनाए, तो समाज में सद्भाव, अनुशासन और नैतिकता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वही युवाओं में देशभक्ति, सेवा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है। प्रदेशभर में इस अवसर पर मंदिरों, आश्रमों, विद्यालयों और विभिन्न धार्मिक संस्थानों में गुरु पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और ज्ञान, संस्कार तथा मानव सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश के अंत में कहा कि गुरु का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। गुरु के आशीर्वाद से ही व्यक्ति का जीवन सफल, समाज संस्कारित और राष्ट्र सशक्त बनता है। गुरु पूर्णिमा का यह पर्व सभी को ज्ञान, सेवा, सदाचार और राष्ट्र समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।