गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बिजली विभाग के ठेकेदार शिव कुमार तिवारी की हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। हत्या की खबर सामने आने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद किसी तरह जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
घटना सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली खुर्द गांव की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार शनिवार शाम करीब पांच बजे गांव के बिंदनिवास चौधरी ने अपने पिता छेदी चौधरी के ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए शिव कुमार तिवारी को उनके घर से बुलाया था। आरोप है कि इसके बाद शिव कुमार को एक ऑटो में बैठाकर ढेबरा बाजार की तरफ ले जाया जा रहा था। जब परिजनों और ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ऑटो का पीछा करना शुरू कर दिया।
परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, मसी चौराहे के पास ऑटो में सवार लोगों ने शिव कुमार को नीचे उतार दिया। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बताया गया कि जान बचाने के लिए शिव कुमार मसी विद्यालय के पीछे की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके गले और शरीर के दूसरे हिस्सों पर धारदार हथियार से कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद शिव कुमार की मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद भी हमलावरों ने शव पर चाकू से वार किए। इसके साथ ही आरोपितों पर असलहा लहराकर लोगों को धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सात नामजद समेत अन्य पर आरोप
मृतक के भाई रामकुमार त्रिपाठी की ओर से दी गई तहरीर में कई लोगों के नाम दर्ज कराए गए हैं। इसमें बिंदनिवास चौधरी, विनोद चौधरी, राहुल चौधरी, आशुतोष चौधरी, साहुल चौधरी और विनोद चौधरी की पत्नी समेत अन्य लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि घटना से पहले विनोद चौधरी के भाई दीपू चौधरी की ओर से परिवार को धमकी दी गई थी।
परिजनों ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश को मुख्य वजह बताया है। पुलिस अब इसी एंगल समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शिव कुमार को घर से बुलाने से लेकर उन्हें ऑटो में ले जाने और फिर हत्या किए जाने तक कौन-कौन लोग शामिल थे।
चार आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस तहरीर में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने सड़क जाम कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने लोगों से बातचीत की और उन्हें जांच में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे और यातायात बहाल हो सका।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस हत्या के कारण, आरोपितों की भूमिका और पुरानी रंजिश से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए और हत्या के बाद आरोपित किस दिशा में गए। मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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