हापुड़। हापुड़ नगर पालिका परिषद परिसर में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के सामने होर्डिंग लगाए जाने को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन पर नेहरू की प्रतिमा को विज्ञापन और होर्डिंग से ढकने का आरोप लगाया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा देवी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका परिसर में पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के ठीक सामने बड़ा होर्डिंग लगाया गया है। इसके कारण प्रतिमा का बड़ा हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा है। कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिलने के बाद पार्टी के स्थानीय नेता नगर पालिका परिसर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां एकत्र हो गए और होर्डिंग हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता की प्रतिमा के सामने इस प्रकार होर्डिंग लगाना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने इसे नेहरू और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका प्रशासन को होर्डिंग लगाने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए था कि उसके पीछे किसी महापुरुष की प्रतिमा तो नहीं ढक रही है।
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के एक पूर्व विधायक सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिसर में जमीन पर बैठकर धरना दिया। इस दौरान चेयरमैन पुष्पा देवी और पालिका प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग नेहरू की प्रतिमा के सामने लगे होर्डिंग को तत्काल हटाने की है। दूसरी मांग नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से इस घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध को आगे बढ़ाया जा सकता है।
नगर पालिका परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं से बातचीत की और उन्हें शांत रहने की अपील की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से नगर पालिका प्रशासन के सामने रखने को कहा। अधिकारियों की मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं और पालिका के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत कराने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक नगर पालिका परिसर में गहमागहमी बनी रही। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि होर्डिंग जानबूझकर ऐसे स्थान पर लगाया गया जहां उससे जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा ढक जाए। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि होर्डिंग किस कार्यक्रम या उद्देश्य से लगाया गया था और इसे लगाने की अनुमति किस अधिकारी की ओर से दी गई थी।
नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा देवी की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। पालिका प्रशासन ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि होर्डिंग को हटाया जाएगा या उसका स्थान बदला जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक वे विरोध जारी रखेंगे।
घटनाक्रम के बाद हापुड़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। कांग्रेस ने इसे महापुरुष के सम्मान से जोड़ते हुए नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर प्रशासन का प्रयास है कि मामले को बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए।
नगर पालिका परिसर में मौजूद पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। अब सभी की नजर पालिका प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रतिमा के सामने लगे होर्डिंग को लेकर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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