अंबेडकर नगर। बिजली हादसों पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए अंबेडकर नगर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। विद्युत विभाग जिले के 28 नए फीडरों पर डिजिटल रिले लगाने की तैयारी कर रहा है। इस आधुनिक सुरक्षा उपकरण की मदद से तार टूटने, पेड़ की डाल गिरने या किसी अन्य तकनीकी खराबी की स्थिति में बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
विद्युत निगम इस योजना पर करीब 10 लाख रुपये खर्च करेगा। 11 हजार वोल्ट की लाइनों में लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए डिजिटल रिले लगाने का निर्णय लिया गया है। विभाग इसे पहले चरण में ट्रायल के तौर पर 28 फीडरों पर स्थापित करेगा। सफल परिणाम मिलने के बाद इसे अन्य फीडरों पर भी लागू किया जा सकता है।
जिले में वर्तमान समय में 42 विद्युत उपकेंद्रों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन उपकेंद्रों से जुड़े 33 नगरीय और 113 ग्रामीण फीडरों के जरिए करीब चार लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। पुराने फीडरों में डिजिटल रिले की सुविधा नहीं होने के कारण बारिश, आंधी या अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों में तार टूटने के बाद भी कई बार बिजली आपूर्ति जारी रहती थी। इससे करंट लगने और अन्य हादसों का खतरा बना रहता था।
नई व्यवस्था के तहत डिजिटल रिले खराबी का तुरंत पता लगाकर फीडर को ट्रिप कर देगा। इससे प्रभावित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद हो जाएगी और किसी बड़े हादसे को टाला जा सकेगा। इसके अलावा यह उपकरण फीडर में आई खराबी की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा, जिससे बिजली कर्मचारियों को समस्या वाले स्थान तक पहुंचने और उसे ठीक करने में आसानी होगी।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार डिजिटल रिले एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरण है, जो माइक्रोप्रोसेसर और सॉफ्टवेयर आधारित तकनीक से काम करता है। यह लगातार विद्युत प्रवाह की निगरानी करता है और असामान्य स्थिति मिलने पर तुरंत सर्किट ब्रेकर को बंद करने का संकेत भेजता है।
अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में तार टूटना, जंपर खराब होना, इंसुलेटर में खराबी आना या ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड पड़ना जैसी समस्याओं के दौरान यह उपकरण काफी उपयोगी साबित होगा। डिजिटल रिले इन गड़बड़ियों को पहचानकर फीडर बंद कर देगा और साथ ही यह जानकारी भी देगा कि खराबी किस स्थान पर हुई है।
जिन फीडरों पर डिजिटल रिले लगाए जाने की योजना है, उनमें भीटी, कटेहरी, टांडा जलालपुर, आलापुर, रामनगर, अकबरपुर, अशरफपुर बरवां, बैरमपुर बरवां, कल्याणपुर, बेवाना, जाफरगंज, मालीपुर, सिकरोहर, नसीरपुर और बाबा झारखंड सहित अन्य फीडर शामिल हैं।
अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि डिजिटल रिले पारंपरिक सुरक्षा उपकरणों की तुलना में अधिक तेज और सटीक तरीके से काम करता है। यह विद्युत प्रणाली में होने वाली छोटी से छोटी गड़बड़ी को भी पहचानने में सक्षम है। इससे न केवल हादसों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, बल्कि बिजली आपूर्ति को भी अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा।
अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि विद्युत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 नए फीडरों पर डिजिटल रिले लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे बिजली से होने वाली घटनाओं में कमी आएगी और लोकल फॉल्ट को जल्द ठीक करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिजली विभाग की इस पहल से जिले के लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर बारिश और आंधी के दौरान होने वाले हादसों को रोकने में डिजिटल रिले महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।