गड्ढों पर भड़के मंडलायुक्त, बोले- कांवड़ियों की सुरक्षा में नहीं चलेगी लापरवाही

Update: 2026-08-01 11:15 GMT

मिर्जापुर :  श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को मिर्जापुर मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) पूनम ने नगर क्षेत्र के प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, सड़क की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और विश्राम स्थलों की व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जाए।

मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने भरूहना स्थित जीडी बिनानी कॉलेज के पास सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाते हुए गड्ढे को तत्काल भरने या फिर मजबूत बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

उन्होंने बरियाघाट से लेकर घोरावल स्थित शिवद्वार मंदिर तक जाने वाले कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और मार्ग को समतल कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र और विश्राम स्थलों को भी तैयार रखा जाए।

मंडलायुक्त ने नगर पालिका और जिला पंचायत राज विभाग को नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा कांवड़ मार्ग पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि पूरे मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात के समय कांवड़ियों की आवाजाही अधिक होती है, इसलिए अंधेरे वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष रोशनी की व्यवस्था की जाए।

वहीं, डीआईजी पूनम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने को कहा। साथ ही जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए।

डीआईजी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने हाईवे और प्रमुख मार्गों पर डिवाइडर, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपायों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, नगर पालिका, जिला पंचायत राज विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मार्गों की लगातार निगरानी की जाएगी और व्यवस्थाओं में किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाएगा। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों ने भी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर जाते हैं। ऐसे में मिर्जापुर प्रशासन की कोशिश है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

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