नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व मित्र जय अनंत देहाद्राई के बीच पालतू कुत्ते हेनरी की कस्टडी और उससे मुलाकात के अधिकार को लेकर चल रहा विवाद अब दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच गया है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट अब इस मामले में अगले सप्ताह अपना फैसला सुनाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से कोई समाधान निकालने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद आदेश जारी करेगी।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच पालतू रॉटविलर कुत्ते हेनरी से मुलाकात के अधिकार को लेकर बहस हुई। महुआ मोइत्रा की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया कि उन्हें हेनरी से मिलने की अनुमति दी जाए। वहीं, मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी अपने तर्क रखे गए। अदालत ने कहा कि फिलहाल किसी भी तरह की अंतरिम व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को अगले सप्ताह के लिए सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर हाई कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।
गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई के बीच यह विवाद पहले भी सुर्खियों में रहा है। दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंधों को लेकर मतभेद सामने आए थे, जिसके बाद पालतू कुत्ते हेनरी की कस्टडी और मुलाकात को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ। पालतू जानवरों की कस्टडी से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर पशु के हित और दोनों पक्षों के अधिकारों को ध्यान में रखकर फैसला करती हैं। इस मामले में भी कोर्ट यह तय करेगा कि हेनरी की देखभाल और मुलाकात की व्यवस्था किस तरह की जाए।
अदालत ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान निकालने का मौका दिया था, लेकिन बातचीत से कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद अब मामला न्यायिक आदेश पर निर्भर है। अगली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट यह स्पष्ट कर सकता है कि महुआ मोइत्रा को हेनरी से मिलने का अधिकार मिलेगा या नहीं और कुत्ते की देखभाल को लेकर क्या व्यवस्था तय की जाएगी। फिलहाल अंतरिम राहत नहीं मिलने से दोनों पक्षों को अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।