Liquor की दुकानों पर पहुंची आबकारी टीम, स्टॉक से लेकर सीसीटीवी तक की जांच

Update: 2026-07-14 15:09 GMT

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर :   जनपद में अवैध शराब की बिक्री, ओवररेटिंग और शराब दुकानों पर होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने मंगलवार को व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिलेभर में देशी शराब, विदेशी मदिरा और बीयर की दुकानों की जांच की। इस दौरान दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

यह अभियान अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश प्रयागराज के निर्देशों के तहत जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाया गया। आबकारी विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर शराब की दुकानों का अचानक निरीक्षण किया और दुकानदारों को शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शराब के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। दुकानों पर मौजूद शराब की मात्रा का मिलान स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण से किया गया। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि कहीं स्टॉक में किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं है। टीमों ने बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की भी जांच की।

आबकारी विभाग ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि शराब की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाए। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि किसी भी ग्राहक को बिना बिल और निर्धारित प्रक्रिया के शराब की बिक्री न की जाए। इसके अलावा यह भी जांच की गई कि कहीं दुकानदार निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक कीमत पर शराब तो नहीं बेच रहे हैं।

ओवररेटिंग की शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विभाग की ओर से गोपनीय टेस्ट परचेज भी कराए गए। इसके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि शराब विक्रेता ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे तो नहीं वसूल रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी दुकान पर ओवररेटिंग या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सभी लाइसेंस धारकों को निर्देश दिए कि दुकानों में लगे कैमरे हर समय चालू स्थिति में रहने चाहिए और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए। किसी भी शिकायत या जांच की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है।

जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता शराब की बिक्री व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। अवैध शराब की बिक्री, मिलावट, ओवररेटिंग और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और आगे भी जिलेभर में ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।

विभागीय अधिकारियों ने शराब विक्रेताओं को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंस धारकों पर आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभियान से शराब बिक्री व्यवस्था में सुधार आएगा और आम लोगों को निर्धारित मूल्य पर सही तरीके से शराब उपलब्ध हो सकेगी।

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