बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में रविवार को कांवड़ यात्रा से पहले दर्दनाक हादसा हो गया। कछला गंगा घाट से जल लेने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा रहे कांवड़ियों के साथ हादसा हो गया। गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे लाउडस्पीकर के हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से पूरी ट्रॉली में करंट दौड़ गया। अचानक हुई स्पार्किंग के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने की बात सामने आई है।
घटना कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गौरामई की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के कांवड़िए ट्रैक्टर-ट्रॉली में डीजे और लाउडस्पीकर लगाकर कछला गंगा घाट से जल लेने के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान गांव में ही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगा लाउडस्पीकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के तार से छू गया। तार के संपर्क में आते ही तेज स्पार्किंग हुई और ट्रॉली में करंट फैल गया। इस दौरान वहां मौजूद कांवड़ियों को जोरदार बिजली का झटका लगा।
हादसे में गांव निवासी 20 वर्षीय रोहित कुमार पुत्र श्रवण कुमार की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा विपेंद्र उम्र 14 वर्ष, अंशु दिवाकर उम्र 12 वर्ष, बृजेश उम्र 13 वर्ष, प्रशांत उम्र 14 वर्ष, तेजवीर उम्र 8 वर्ष, सौरभ उम्र 6 वर्ष और दमेश उम्र 8 वर्ष भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां सभी बच्चों का उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, झुलसे बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक रोहित कुमार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और बिजली लाइन के आसपास ट्रैक्टर-ट्रॉली की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों रामनिवास और विपिन के अनुसार, कांवड़ियों का समूह कछला गंगा घाट से गंगाजल लेने के लिए निकला था। सभी लोग जल लेकर शाहजहांपुर जिले के पटना देवकली मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने की तैयारी में थे। कांवड़ यात्रा को लेकर समूह में उत्साह का माहौल था, लेकिन गांव से निकलने से पहले ही हादसा हो गया। रोहित कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे और लाउडस्पीकर लगाए गए थे। ऊंचाई पर लगे उपकरण के बिजली लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे मार्गों पर ऊंचे वाहनों और डीजे सिस्टम को ले जाते समय बिजली तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
इसी बीच बदायूं की घटना के अलावा एटा जिले में भी कांवड़ यात्रा के दौरान एक कांवड़िए की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया। एटा के रिजौर थाना क्षेत्र के फफोतू गांव में पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह करीब 11 बजे 35 वर्षीय कांवड़िया अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तत्काल एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
पुलिस के अनुसार, बेहोश हुए कांवड़िए की पहचान मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी नाम सिंह के रूप में हुई है। वह अपने पिता के साथ कांवड़ यात्रा पर निकला था। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली और कांवड़ यात्रा मार्ग पर निगरानी जारी रखी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल लगातार सक्रिय है।
बदायूं में हुए हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने की चुनौती है। खासकर बिजली की हाईटेंशन लाइनों के नीचे से गुजरने वाले कांवड़ियों के वाहनों और डीजे लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। हादसे में एक युवक की मौत और सात बच्चों के झुलसने की घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।