ASI शिवदत्त प्रजापति की अंतिम विदाई रुकी, मांगों को लेकर अड़े परिजन

Update: 2026-08-01 15:03 GMT

मोरना (मुजफ्फरनगर)  :   जम्मू-कश्मीर के बारामुला क्षेत्र में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) शिवदत्त प्रजापति का पार्थिव शरीर शनिवार शाम जैसे ही उनके पैतृक आवास भोपा पहुंचा, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। 56 वर्षीय जवान की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। भारत माता के वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े जनसैलाब के बीच परिजनों और ग्रामीणों ने जवान को शहीद का दर्जा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर सड़क पर धरना शुरू कर दिया।

भोपा की हरी कुंज कॉलोनी स्थित आवास पर जैसे ही शिवदत्त प्रजापति का पार्थिव शरीर पहुंचा, वहां मौजूद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान की माता शीलो, पत्नी राजेश और बेटे शिव कुमार व अजय अपने प्रियजन को खोने के गम में बेसुध नजर आए। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते लोगों ने पुष्पवर्षा कर जवान को श्रद्धांजलि दी। जगह-जगह लोगों ने "भारत माता की जय" और "शिवदत्त अमर रहें" के नारे लगाकर वीर जवान को नमन किया।

परिजनों और ग्रामीणों में जवान की मौत के कारण को लेकर आक्रोश भी देखने को मिला। जब परिवार के लोगों ने साथ आए सैन्य अधिकारियों से शिवदत्त प्रजापति की मौत की वजह पूछी तो अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटनावश गोली चलने से यह घटना हुई है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

हालांकि, यह जवाब सुनकर परिजन और ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बीएसएफ कमांडेंट अवधेश कुमार से बातचीत कराई। कमांडेंट ने भी मामले की विस्तृत जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इसके बाद भी ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक शिवदत्त प्रजापति को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने मुजफ्फरनगर-मोरना मार्ग पर धरना शुरू कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मौके पर सांसद चंदन सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी जानसठ रश्मि लांबा, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, नायब तहसीलदार बृजेश कुमार, थाना प्रभारी आशुतोष कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सुप्रिया पाल और संजय रवि ने भी पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।

शिवदत्त प्रजापति ने सीमा सुरक्षा बल में करीब 35 वर्षों तक सेवा दी। वह BSF की 175वीं बटालियन में तैनात थे और जम्मू-कश्मीर के उत्तरी बारामुला क्षेत्र के बोनियार इलाके में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने वर्ष 1989 में पश्चिम बंगाल से अपनी सेवा की शुरुआत की थी। करीब दो वर्ष पहले उनका तबादला जम्मू-कश्मीर हुआ था और पिछले वर्ष ही उन्हें पदोन्नति देकर सहायक उपनिरीक्षक (ASI) बनाया गया था।

मूल रूप से शाहपुर क्षेत्र के शोरम गांव निवासी शिवदत्त का परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से भोपा में रह रहा था। लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले जवान के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले जवान को पूरा सम्मान मिलना चाहिए और उनके परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी जानी चाहिए। फिलहाल प्रशासन और अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी है।

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