श्रावस्ती : उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। भिनगा कोतवाली क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि चोरी के शक में एक व्यक्ति ने उसके बेटे के साथ मारपीट की और उसके गुप्तांग में बल्ब डालकर गंभीर चोट पहुंचाई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित बच्चे की मां ने कोतवाली भिनगा में दी गई शिकायत में बताया कि उसका बेटा किसी काम से बाहर गया था। इसी दौरान अतहर पुत्र अनवर नामक व्यक्ति ने बच्चे पर चोरी का शक जताया और उसे अपनी दुकान पर ले गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने बच्चे के साथ मारपीट की, उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद बच्चा दर्द से परेशान हालत में किसी तरह घर पहुंचा। उसने परिवार के लोगों को अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। बच्चे की हालत देखकर परिजन उसे लेकर तुरंत कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित तहरीर दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति में उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर बहराइच जिले में बालक के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरविंद कुमार गौतम ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला कैसरगंज थाना क्षेत्र का है। 12 मई 2026 को गांव मंझारा तौकली के मजरे दयालपुरवा में एक बारात आई थी। गांव निवासी सात वर्षीय बालक रात में बारात में चल रही वीडियो फिल्म देख रहा था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला।
अगले दिन 13 मई को गांव से कुछ दूरी पर बच्चे का शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दयालपुरवा निवासी मुकेश निषाद (21) पुत्र सुमिरन निषाद के खिलाफ हत्या और पाक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता पाक्सो संत प्रताप सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करते हुए महज 14 दिनों में फैसला सुनाया। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे मृत्युदंड की सजा दी।
दोनों घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में त्वरित जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है, ताकि अपराधियों में कानून का डर पैदा हो और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।