Heavy rain बनी आफत, बाबा बैजूनाथ मंदिर गिरने से ग्रामीणों में मायूसी

Update: 2026-07-19 14:25 GMT

Sant Kabir Nagar संतकबीरनगर :  उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश कई जिलों में परेशानी का कारण बन गई है। तेज बारिश के चलते जहां कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी संकट बढ़ने लगा है। कई इलाकों में नदियों ने कटान शुरू कर दिया है। इसी बीच संतकबीरनगर जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां बारिश के कारण करीब 300 वर्ष पुराना प्रसिद्ध बाबा बैजूनाथ मंदिर अचानक भरभराकर गिर गया।

यह घटना धनघटा तहसील क्षेत्र के बसवारी गांव की बताई जा रही है। रविवार दोपहर बाद अचानक मंदिर का पुराना ढांचा तेज आवाज के साथ धराशायी हो गया। मंदिर गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मंदिर परिसर में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

ग्रामीणों के अनुसार बाबा बैजूनाथ मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना बताया जाता है और सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता के कारण आसपास के गांवों के लोगों की इससे गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

लगातार बारिश के कारण मंदिर की पुरानी संरचना कमजोर हो गई थी। बारिश का पानी लगातार जमीन और दीवारों में पहुंचने के कारण मंदिर का हिस्सा कमजोर पड़ गया और अचानक गिर गया। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बाबा बैजूनाथ मंदिर पहुंचे थे। सावन महीने को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। ऐसे में मंदिर के अचानक गिरने की घटना के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मंदिर का भव्य तरीके से पुनर्निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि पूजा-अर्चना की व्यवस्था दोबारा सुचारू रूप से जारी रखी जा सके। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बाबा बैजूनाथ मंदिर उनके लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। मंदिर के गिरने से लोगों में दुख जरूर है, लेकिन प्रशासन द्वारा नए और भव्य मंदिर निर्माण के आश्वासन से लोगों में उम्मीद भी जगी है।

उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने और कटान की घटनाओं के बीच प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। संतकबीरनगर में भी अधिकारियों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

बाबा बैजूनाथ मंदिर का गिरना क्षेत्र के लोगों के लिए भावनात्मक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर है कि मंदिर का पुनर्निर्माण कितनी तेजी से शुरू होता है और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ इसे किस रूप में तैयार किया जाता है।

Tags:    

Similar News