उत्तर प्रदेश में जलप्रलय का डर, आज-कल तेज बारिश की चेतावनी

Update: 2026-07-20 08:58 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून अब राहत के बजाय कई इलाकों में परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 33 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। इसके चलते पूर्वांचल, तराई और मध्य यूपी के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण नुकसान की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को प्रदेश के 33 जिलों में अतिभारी बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 34 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट प्रभावी है। विभाग ने बताया कि कई क्षेत्रों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा के कारण कमजोर निर्माण, पुराने पेड़ और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 20 जुलाई से 26 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर 20 और 21 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सतर्क रहने और आकाशीय बिजली के समय खुले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में बारिश का खतरा सबसे ज्यादा है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के आसार हैं।

पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित किया है। बाराबंकी में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां 118.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बांदा में 85.6 मिलीमीटर, श्रावस्ती में 79.4 मिलीमीटर, हमीरपुर में 70 मिलीमीटर और रामपुर में 68.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के कारण कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई जगहों पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी बारिश चिंता का कारण बनी हुई है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन भी लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें।

मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

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