उरई। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में तैनात आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। अपनी कार्यशैली, सोशल मीडिया पर सक्रियता और कई विवादों को लेकर वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में अतिक्रमण हटाने के दौरान उनके द्वारा दी गई चेतावनी का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अवैध कब्जा हटाने के लिए काउंटडाउन करते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर तैनाती के दौरान रिंकू सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान लोगों को सख्त चेतावनी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश में दावा किया गया है कि उन्होंने कहा था कि एक से दस तक गिनती पूरी होने तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की चेतावनी दी गई थी।
यह मामला अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनकी कार्रवाई के तरीके को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिंकू सिंह इससे पहले भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। जालौन ब्लॉक प्रमुख राम राजा निरंजन के साथ कथित विवाद का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। आरोप लगाया गया था कि जांच के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और आईएएस अधिकारी ने थप्पड़ मारने का प्रयास किया। इस मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व और एएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
इसके अलावा जालौन में तैनाती के दौरान शिक्षकों, वकीलों, लेखपालों और तहसील कर्मचारियों की ओर से भी शिकायतें किए जाने की बात सामने आई थी। इन शिकायतों में उत्पीड़न और कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी।
रिंकू सिंह की जालौन में तैनाती करीब तीन महीने से अधिक समय तक रही। इसके बाद उनका स्थानांतरण उरई सदर तहसील में न्यायिक एसडीएम के पद पर कर दिया गया। हालांकि, स्थानांतरण के बाद भी वह लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
अब उरई में वह नगरपालिका के विभिन्न कार्यों की जांच कर रहे हैं। इस जांच को लेकर भी लोगों में काफी चर्चा है। कुछ लोगों का कहना है कि अधिकारी को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, जबकि कुछ लोग उनकी सख्त कार्यशैली को प्रशासनिक सुधार के नजरिए से देख रहे हैं।
रिंकू सिंह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। हाल ही में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक पत्र शासन को भेजा था, जिसे सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया। इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं।
बताया जा रहा है कि पालिका कार्यों की जांच अभी जारी है। आईएएस अधिकारी का कहना है कि जांच प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।
वहीं, प्रशासनिक गलियारों में उनके काम करने के तरीके को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। जहां कुछ लोग उनकी सख्ती और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनके व्यवहार और विवादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल रिंकू सिंह से जुड़े मामलों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। uttar प्रदेश प्रशासन में उनकी कार्यशैली को लेकर बनी चर्चाओं के बीच अब सभी की नजर उरई में चल रही नगरपालिका जांच पर टिकी हुई है।