5000 रुपये रिश्वत लेते जूनियर असिस्टेंट गिरफ्तार

Update: 2026-07-31 11:50 GMT

कुशीनगर। पडरौना में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम गोरखपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के कनिष्ठ सहायक को 5000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कर्मचारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लिए गए ऋण की सब्सिडी राशि खाते में भेजने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर आरोपी कर्मचारी को कार्यालय परिसर से ही पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार, कप्तानगंज कस्बे के मंगलबाजार निवासी अमन कश्यप ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अपनी पत्नी सीमा के नाम से नौ लाख रुपये का ऋण लेकर रोजगार शुरू किया था। योजना के नियमों के अनुसार ऋण लेने वाले लाभार्थियों को सरकार की ओर से सब्सिडी राशि प्रदान की जाती है। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी अमन के खाते में सब्सिडी की रकम नहीं पहुंची।

इस संबंध में जानकारी लेने के लिए अमन जिला मुख्यालय स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा से हुई। आरोप है कि कर्मचारी ने तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए सब्सिडी भुगतान में देरी की बात कही। इसके बाद सब्सिडी राशि खाते में भेजने के लिए उसने 5000 रुपये की मांग की।

अमन ने जब अपने स्तर से जानकारी जुटाई तो उसे पता चला कि कई अन्य लोगों की सब्सिडी भी इसी तरह रोकी गई है। आरोप है कि कनिष्ठ सहायक पैसे लेने के बाद ही सब्सिडी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का काम कर रहा था। इसके बाद अमन ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम गोरखपुर से कर दी।

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार अमन रुपये लेकर जिला उद्योग केंद्र कार्यालय पहुंचे।

बताया गया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अमन कार्यालय पहुंचे थे। कनिष्ठ सहायक ने व्यस्तता का हवाला देकर उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। इसके बाद करीब ढाई बजे कर्मचारी अपने कार्यालय कक्ष से बाहर परिसर में आया। जैसे ही अमन ने उसे रिश्वत की रकम दी, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया।

टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत के 5000 रुपये बरामद किए। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टीम आरोपी कनिष्ठ सहायक को पूछताछ के लिए रवींद्रनगर धूस थाने ले गई।

शिकायतकर्ता अमन कश्यप की तहरीर के आधार पर आरोपी शैलेश कुमार कुशवाहा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर ले गई।

एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में निरीक्षक रामबहादुर पाल के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम के कई सदस्य शामिल रहे। टीम में निरीक्षक शिव मनोहर यादव, सुबोध कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का उद्देश्य युवाओं और जरूरतमंद लोगों को रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना की सब्सिडी राशि के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Tags:    

Similar News