उत्तर प्रदेश : लगी भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी के खिलाफ पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बुधवार को अलग-अलग कार्रवाई की। महराजगंज जिले में हुए इन अभियानों में नशीली दवाओं की बड़ी खेप के साथ दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। वहीं फरेंदा क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से बड़ी मात्रा में अखरोट, कॉस्मेटिक उत्पाद और खाद्य सामग्री बरामद की। दोनों मामलों ने भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय तस्करी के नेटवर्क की एक झलक सामने रखी है।
पहला मामला नौतनवा थाना क्षेत्र का है। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग कार के जरिए नशीली दवाओं की खेप नेपाल ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर टीम ने बैरियहवां पुल के पास निगरानी शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से अलग-अलग कंपनियों के कुल 2283 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नौतनवा कस्बे के बहादुर शाह नगर निवासी मोहम्मद जाकिर उर्फ जिलानी और नौतनवा के गजरहा निवासी सुग्रीव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपित बरामद नशीली दवाओं को नेपाल की सीमा में ले जाने की फिराक में थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों के अलावा एक कीपैड मोबाइल फोन, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 980 रुपये भारतीय मुद्रा भी बरामद की। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। सीमा के दोनों ओर आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की बड़ी संख्या के बीच तस्कर अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने की कोशिश करते हैं। ऐसे में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त निगरानी अहम भूमिका निभाती है। हालिया कार्रवाई में भी मुखबिर की सूचना के आधार पर समय रहते खेप को पकड़ लिया गया।
इसी जिले के फरेंदा क्षेत्र में भी पुलिस ने तस्करी के संदेह में एक कार को रोककर बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध वाहन की तलाशी के दौरान कार से सात बोरी अखरोट, 12 बोरी फेयर एंड लवली पाउच, मैगी के दो गत्ते और फेयर एंड लवली क्रीम की 275 ट्यूब मिलीं। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर कार सवार युवक को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान बस्ती जिले के हरैया थाना क्षेत्र के ग्राम नदाई हरहिया निवासी 34 वर्षीय सुनील मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद सामान और वाहन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सामान कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
फरेंदा पुलिस की यह कार्रवाई भी संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान हुई। थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध कार दिखाई देने पर उसे रोककर तलाशी ली गई। वाहन में अलग-अलग प्रकार का सामान देखकर पुलिस ने चालक से पूछताछ की और बाद में उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस दोनों मामलों में तस्करी के नेटवर्क और सामान की सप्लाई चेन की जांच कर रही है। खासतौर पर नशीली दवाओं के मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप के पीछे मुख्य सप्लायर कौन है और इसे नेपाल में किसे पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
भारत-नेपाल सीमा पर लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से साफ है कि तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है। नशीली दवाओं से लेकर रोजमर्रा के सामान तक, अलग-अलग वस्तुओं की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस और एसएसबी की निगरानी जारी है। बुधवार की कार्रवाई में एक तरफ हजारों नशीले इंजेक्शन पकड़े गए, तो दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में अखरोट और कॉस्मेटिक उत्पाद बरामद हुए। अब जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों पर है जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हो सकते हैं।