रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जमीन धंसने से सामने आई रहस्यमयी सुरंग अब पुरातत्व विभाग की जांच के दायरे में आ गई है। जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में मिली इस सुरंग का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने मंगलवार से सर्वे शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन के अनुरोध पर पहुंची एएसआई की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और पूरे क्षेत्र का अध्ययन शुरू किया।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले लगातार बारिश के कारण ओई गांव में रहने वाली रामदेई के खेत की मिट्टी अचानक धंस गई थी। मिट्टी धंसने के बाद वहां करीब तीन फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब उन्होंने गड्ढे के अंदर झांककर देखा तो उन्हें कुछ अलग दिखाई दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे के अंदर ईंटों से बनी दीवार और एक लंबी सुरंग जैसी संरचना नजर आई। इसके बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई कि यह कोई पुरानी संरचना हो सकती है। ग्रामीणों ने जब अंदर जाने की कोशिश की तो उन्हें वहां मिट्टी की सुराही और आरती दान जैसी वस्तुएं दिखाई दीं। ग्रामीणों का दावा है कि ये सामान काफी पुराने समय के प्रतीत होते हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। इसके बाद महराजगंज तहसील की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरंग और वहां मिले सामान की जानकारी जुटाई और इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से जांच कराने का अनुरोध किया।
मंगलवार को एएसआई की टीम गांव पहुंची और सुरंग का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे शुरू किया। टीम ने मौके की स्थिति, सुरंग की बनावट और वहां मौजूद संरचनाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सुरंग कितनी पुरानी है और इसका संबंध किस कालखंड से है।
एएसआई की टीम इस बात का भी पता लगाएगी कि जमीन के नीचे मिली यह संरचना प्राकृतिक कारणों से बनी है या फिर इसे किसी समय मानव द्वारा बनाया गया था। इसके अलावा सुरंग में मिले सामान की भी जांच की जाएगी, जिससे उसकी वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाया जा सके।
ग्रामीणों में इस रहस्यमयी सुरंग को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचकर इस जगह को देखने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में यह संरचना प्राचीन साबित होती है तो यह गांव और पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व की बात होगी।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरंग के अंदर जाने का प्रयास न करें, क्योंकि बिना विशेषज्ञों की जांच के वहां जाना जोखिम भरा हो सकता है।
पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार बारिश या प्राकृतिक कारणों से जमीन के नीचे छिपी पुरानी संरचनाएं सामने आ जाती हैं। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह तय किया जाता है कि वह स्थान ऐतिहासिक महत्व रखता है या नहीं।
फिलहाल रायबरेली के ओई गांव में मिली यह सुरंग रहस्य बनी हुई है। एएसआई की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि यह संरचना कितनी पुरानी है और इसका इतिहास से कोई संबंध है या नहीं। ग्रामीणों और प्रशासन की नजर अब सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हुई है।