मीरापुर गोशाला का औचक निरीक्षण, साफ-सफाई के दिए आदेश

Update: 2026-07-28 11:14 GMT

मुजफ्फरनगर :  जनपद में संचालित गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता के निर्देशन में पशु चिकित्सा अधिकारी मीरापुर डॉ. अजय कुमार ने कान्हा गोशाला, मीरापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोशाला में मौजूद गोवंशों के स्वास्थ्य, खान-पान, साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान गोशाला में सभी गोवंश स्वस्थ और सामान्य अवस्था में पाए गए। पशु चिकित्सा अधिकारी ने एक-एक गोवंश की स्थिति की जानकारी ली और वहां तैनात कर्मचारियों से गोवंशों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोवंशों को मिलने वाले आहार, चिकित्सा सुविधाओं और दैनिक देखभाल की व्यवस्था की समीक्षा की।

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गोशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था मिली। उन्होंने गोशाला की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गोवंशों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि खल, चोकर और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि गोवंश स्वस्थ रह सकें।

उन्होंने कहा कि गौआश्रय स्थलों में रहने वाले पशुओं की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गोवंशों के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखी जाए और यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल उसका उपचार कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान गोशाला परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने केयरटेकर को निर्देश दिए कि गोशाला परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि इस मौसम में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने गोवंशों के रहने वाले स्थान को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पशुओं के बैठने वाले स्थान पर पानी जमा न होने दिया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था रखी जाए, ताकि बारिश के दौरान गोवंशों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान गोशाला का केयरटेकर मौके पर मौजूद मिला। पशु चिकित्सा अधिकारी ने उसे गोवंशों की नियमित देखभाल, समय पर भोजन-पानी उपलब्ध कराने और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए।

पशुपालन विभाग का कहना है कि जनपद में संचालित सभी गौआश्रय स्थलों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर गोशालाओं का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधार कराएं।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रशासन गोवंश संरक्षण को लेकर गंभीर है। सभी गौआश्रय स्थलों में पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा, पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण अभियान का उद्देश्य केवल कमियों को तलाशना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गोशालाओं में मौजूद प्रत्येक गोवंश की नियमित देखभाल की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें गौआश्रय स्थलों या अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित कोई समस्या दिखाई देती है तो वे इसकी शिकायत जन शिकायत मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

पशुपालन विभाग के इस निरीक्षण अभियान से साफ है कि प्रशासन गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रिय है। नियमित जांच और निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि गोवंशों को बेहतर देखभाल, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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