बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत में दो युवकों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में दफनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि मंदिर के महंत ने अपने दो चेलों और बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले युवकों को नशीली चाय पिलाई और फिर जहरीला इंजेक्शन लगाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मंदिर की धूनी के पास गड्ढा खोदकर दोनों शव दबा दिए गए।
पुलिस ने गुरुवार रात करीब तीन बजे लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में खुदाई कराकर दोनों शव बरामद किए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी महंत नरेशनाथ और उसका बेटा फरार हैं, जबकि उसके दो चेलों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
25 जुलाई से लापता थे दोनों दोस्त
सिंगौली तगा निवासी 32 वर्षीय इसरार पुत्र रिड़कू और 28 वर्षीय दिव्यांग अंकित पुत्र मुकेश आपस में दोस्त थे। इसरार मकानों में वॉल पुट्टी लगाने का काम करता था और पिछले कुछ दिनों से अंकित के घर पर काम कर रहा था। दोनों 25 जुलाई को बाइक से रटौल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे।
परिजनों ने दोनों की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 27 जुलाई को चांदीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों युवकों की तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन और अंतिम लोकेशन की भी जांच की गई।
कॉल डिटेल से महंत तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने इसरार और अंकित के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई। जांच के दौरान कुछ नंबरों और लोकेशन के आधार पर संदेह लहचौड़ा के गणेश मंदिर के महंत नरेशनाथ पर गया। महंत मूल रूप से उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के कुंडेश्वरी क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
पुलिस ने महंत के चेले उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने वारदात से जुड़ी पूरी कहानी बता दी। उसकी निशानदेही और बयान के आधार पर पुलिस टीम मंदिर परिसर पहुंची और संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई।
समझाने के लिए मंदिर गए थे युवक
थाना प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार, महंत के अंकित की बहन से कथित अवैध संबंध थे। अंकित और उसका दोस्त इसरार इसका विरोध करते थे। इसी मामले में दोनों युवक 25 जुलाई को महंत से बात करने और उसे समझाने के लिए लहचौड़ा मंदिर पहुंचे थे।
पुलिस का दावा है कि महंत ने अपने साथियों के साथ पहले से हत्या की योजना बना रखी थी। मंदिर पहुंचे दोनों दोस्तों को चाय दी गई, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था। चाय पीने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें कथित रूप से जहरीला इंजेक्शन लगा दिया।
दोनों की मौत होने के बाद मंदिर परिसर में धूनी वाले स्थान के पास गड्ढा खोदा गया। शवों को उसी गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया गया, ताकि घटना का किसी को पता न चल सके। इसके बाद आरोपी सामान्य तरीके से मंदिर में रहते रहे।
रात में खुदाई कर बरामद किए शव
चेले से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने गुरुवार देर रात मंदिर परिसर में खुदाई शुरू कराई। करीब तीन बजे मिट्टी के नीचे दबे दोनों युवकों के शव बरामद हो गए। पहचान कराने के बाद पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दी। शवों की स्थिति और मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
वारदात की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। मंदिर परिसर से दो शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में भी सनसनी फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वहां से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
महंत और बेटे की तलाश जारी
बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि अंकित और उसके साथी द्वारा कथित संबंध का विरोध किए जाने के कारण हत्या की गई। प्रारंभिक जांच में महंत, उसके बेटे और दो चेलों की भूमिका सामने आई है। दो चेलों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य आरोपी महंत और उसके बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, गिरफ्तार आरोपियों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।