यूक्रेन ड्रोन हमले के बाद प्रयागराज का नाविक लापता, परिजनों ने मांगी मदद
उत्तरप्रदेश : यूक्रेन में एक व्यापारिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद प्रयागराज के रहने वाले क्रू मेंबर रामचंद्र दुबे के लापता होने की खबर से परिवार में चिंता का माहौल है। जहाज कंपनी की ओर से घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन परेशान हैं और अपने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
रामचंद्र दुबे के बड़े भाई मुक्तेश्वर दुबे अपने चाचा समेत तीन लोगों के साथ दिल्ली पहुंचे और वहां संबंधित दूतावास से संपर्क कर मदद मांगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और विदेश मंत्रालय से भी रामचंद्र की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई है।
प्रयागराज के नीबी कला गांव का रहने वाला है रामचंद्र
रामचंद्र दुबे प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र स्थित नीबी कला गांव के निवासी हैं। उनके पिता रमेश चंद्र दुबे सेना से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में दो बेटे हैं, जिनमें रामचंद्र छोटे हैं।
परिवार के अनुसार, रामचंद्र ने करीब एक साल पहले डेलोशिप मैनेजमेंट प्राइवेट कंपनी में नाविक के तौर पर नौकरी शुरू की थी। वह व्यापारिक जहाजों पर काम करते थे और इसी सिलसिले में यूक्रेन के समुद्री क्षेत्र में तैनात थे।
रामचंद्र के लापता होने की खबर मिलने के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन और ग्रामीण लगातार उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
25 जुलाई को हुई थी मां से आखिरी बातचीत
परिवार के मुताबिक, रामचंद्र ने 25 जुलाई 2026 को अपनी मां कल्पना दुबे से बातचीत की थी। यह उनकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद परिवार को जहाज पर हुई घटना की जानकारी कंपनी की ओर से मिली।
परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि रामचंद्र सुरक्षित होंगे और जल्द ही उनके बारे में कोई सकारात्मक सूचना मिलेगी।
कंपनी ने फोन कर दी घटना की जानकारी
परिवार के अधिवक्ता अनुज पांडेय के अनुसार, 26 जुलाई को डेलोशिप कंपनी के एक कर्मचारी ने फोन कर घटना की जानकारी दी। कंपनी की ओर से बताया गया कि 25 जुलाई को जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मौजूद था।
इसी दौरान जहाज पर ड्रोन हमला हुआ। हमले के बाद रामचंद्र दुबे के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिवार ने अधिकारियों से संपर्क करना शुरू किया।
दूतावास और सरकार से मदद की अपील
रामचंद्र की तलाश के लिए परिवार ने सरकारी स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। बड़े भाई मुक्तेश्वर दुबे दिल्ली पहुंचे और दूतावास से संपर्क किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय को भी मामले की जानकारी देकर सहायता मांगी है।
परिवार का कहना है कि विदेश में हुई इस घटना के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे चाहते हैं कि भारतीय अधिकारियों के माध्यम से जल्द से जल्द रामचंद्र की स्थिति की जानकारी मिल सके।
समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता
यूक्रेन का समुद्री क्षेत्र पिछले कुछ समय से संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्रों में काम करने वाले व्यापारिक जहाजों के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।
ड्रोन हमले जैसी घटनाओं के बाद जहाजों पर तैनात कर्मचारियों की स्थिति का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित कंपनियां और सरकारी एजेंसियां मिलकर राहत और बचाव की कोशिश करती हैं।
परिवार को रामचंद्र की सुरक्षित वापसी की उम्मीद
रामचंद्र के पिता और परिवार के अन्य सदस्य इस समय उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परिजनों का कहना है कि रामचंद्र मेहनती युवक हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए समुद्री क्षेत्र में नौकरी कर रहे थे।
गांव के लोग भी परिवार के साथ खड़े हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच और तलाश जारी
फिलहाल रामचंद्र दुबे की तलाश और घटना की जांच से जुड़ी प्रक्रिया जारी है। परिवार को उम्मीद है कि भारतीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से जल्द ही उनके बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
यूक्रेन में हुए इस ड्रोन हमले ने एक बार फिर विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि रामचंद्र दुबे के संबंध में कब तक कोई ठोस जानकारी मिल पाती है।