Sheetal Tandon बोले- बढ़ती जनसंख्या से संसाधनों और विकास पर असर

Update: 2026-07-12 10:05 GMT

Saharanpur सहारनपुर : सहारनपुर, 12 जुलाई 2026। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई की ओर से रेलवे रोड स्थित व्यापार मंडल मुख्यालय कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों, संसाधनों की कमी और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जनसंख्या वृद्धि को देश के विकास और पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए इस पर गंभीर मंथन किया।

बैठक को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन और जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब तक पहुंची थी, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष इस दिन विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की घोषणा की थी। वर्तमान समय में दुनिया की आबादी 8 अरब से अधिक हो चुकी है।

शीतल टंडन ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण बेरोजगारी, भूखमरी, संसाधनों की कमी और विकास की धीमी गति जैसी समस्याएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व का केवल 2.4 प्रतिशत भूभाग और लगभग 4 प्रतिशत जल संसाधन हैं, जबकि दुनिया की करीब 18 प्रतिशत आबादी भारत में निवास करती है। ऐसे में सीमित संसाधनों पर बढ़ता दबाव चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों के कारण जनसंख्या वृद्धि की दर में कमी जरूर आई है, लेकिन आबादी का बढ़ना अभी भी जारी है। बढ़ती जनसंख्या के साथ जीवन के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता कम होती जा रही है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है।

टंडन ने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी 140 करोड़ से अधिक है और देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा वर्ग की है। उन्होंने सहारनपुर जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में जिले की जनसंख्या में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और जिले की आबादी 40 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ विकास, रोजगार, यातायात और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।

बैठक में स्वास्थ्य जागरूकता और बढ़ती जीवन प्रत्याशा पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनकी आयु 100 वर्ष से अधिक है।

शीतल टंडन ने कहा कि जनसंख्या किसी भी देश के लिए उसकी ताकत हो सकती है, लेकिन जब यह उपलब्ध संसाधनों की सीमा से अधिक बढ़ जाती है तो यही समस्या बन जाती है। उन्होंने कहा कि भारत को जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि राष्ट्रहित के नजरिए से देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी का सीधा असर लोगों के जीवन स्तर पर पड़ता है। कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में विकास के बावजूद जनसंख्या दबाव के कारण प्रति व्यक्ति आय और संसाधनों पर असर पड़ता है। उन्होंने परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी नीतियां बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर जनसंख्या परिषद स्थापित करने का सुझाव दिया, जो जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं का निर्माण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए वर्षभर जागरूकता अभियान चलाने और सामाजिक संगठनों को इसमें शामिल करने की जरूरत है।

बैठक में जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एसके सूरी, पवन गोयल, बलदेव राज खुंगर, रमेश डावर, भोपाल सिंह सैनी, अनिल गर्ग, संजय माहेश्वरी, राजीव अग्रवाल, अभिषेक भाटिया, मुरली खन्ना, संजीव सचदेवा, संदीप सिंघल सहित कई व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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