जौहर यूनिवर्सिटी में 10 दिन बाद खत्म हुआ धरना

Update: 2026-07-28 05:11 GMT

रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी में पिछले दस दिनों से चल रहा छात्र-छात्राओं का धरना सोमवार देर रात समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के अवैध घोषित भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर मंडलायुक्त की ओर से रोक लगाए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर आंदोलन समाप्त कराया।

जानकारी के अनुसार, छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर में भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे थे। उनका कहना था कि इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। इसी मांग को लेकर छात्र लगातार कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।

सोमवार को मंडलायुक्त ने विश्वविद्यालय के अवैध घोषित भवनों को गिराने के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम विश्वविद्यालय परिसर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उन्हें प्रशासन के फैसले की जानकारी दी।

प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद छात्रों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में पिछले दस दिनों से चल रहा आंदोलन खत्म हो गया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।जौहर यूनिवर्सिटी में 10 दिन से जारी छात्र आंदोलन खत्म, ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक के बाद प्रशासन ने कराया धरना समाप्त

छात्रों का यह आंदोलन विश्वविद्यालय के भवनों को लेकर जारी विवाद के बीच शुरू हुआ था। प्रशासन की ओर से कुछ भवनों को अवैध घोषित किए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। इसी कार्रवाई को लेकर छात्र-छात्राओं में नाराजगी थी और उन्होंने धरना शुरू कर दिया था।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग की थी कि मामले में जल्दबाजी में कोई कदम न उठाया जाए और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखा जाए। उनका कहना था कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का असर विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हजारों विद्यार्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

धरना समाप्त होने के बाद अब सभी की नजर आगे की प्रक्रिया पर है। मंडलायुक्त के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है। हालांकि, भवनों की वैधता और इससे जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, यह प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की थी।

छात्रों के आंदोलन के खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। विद्यार्थियों का ध्यान अब फिर से अपनी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर केंद्रित होने की संभावना है।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह मामला लंबे समय से प्रशासनिक और कानूनी चर्चा में रहा है। भवनों की अनुमति, निर्माण और उपयोग को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। वहीं, विश्वविद्यालय पक्ष और छात्र इस कार्रवाई को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करते रहे हैं।

मंडलायुक्त द्वारा ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद फिलहाल विवादित कार्रवाई टल गई है। अब आगे की स्थिति प्रशासनिक समीक्षा और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

छात्रों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता विश्वविद्यालय में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। धरना समाप्त होने के बाद वे उम्मीद कर रहे हैं कि मामले का समाधान बातचीत और नियमों के आधार पर निकाला जाएगा।

वहीं, प्रशासन की ओर से भी अब तक आगे की कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

दस दिनों तक चले इस आंदोलन के समाप्त होने से विश्वविद्यालय परिसर में फिलहाल तनाव की स्थिति कम हुई है। हालांकि, भवनों की वैधता को लेकर चल रहा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में प्रशासनिक निर्णयों पर सभी की नजर रहेगी।

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