Ashtanga योग से स्वस्थ शरीर और शांत मन का संदेश

Update: 2026-07-19 11:57 GMT

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर :  भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में चौधरी छोटू राम डिग्री कॉलेज परिसर स्थित निशुल्क योग साधना केंद्र पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लिया और योग के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक महत्व को समझा।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जनपद प्रभारी योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने साधकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित समझना सही नहीं है। योग का वास्तविक अर्थ आत्मा का परमात्मा से मिलन है। योग मनुष्य के शरीर के साथ-साथ मन और चेतना को भी संतुलित करने का माध्यम है।

योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, असंतुलित जीवनशैली और मानसिक परेशानियों के बीच योग लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने महर्षि पाणिनि के व्याकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि योग शब्द की उत्पत्ति तीन धातुओं से मानी जाती है। इनमें 'युर्जि योगे', 'युज समाधौ' और 'युज संयमने' शामिल हैं। इनका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही योग का मूल उद्देश्य है। वहीं, महर्षि पतंजलि ने योग शब्द का प्रयोग समाधि के अर्थ में किया है।

उन्होंने मानव जीवन की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार की अनेक योनियों में केवल मानव योनि को उभय योनि कहा गया है। इसका कारण यह है कि मनुष्य कर्म करने के साथ-साथ अपने कर्मों के परिणामों का अनुभव भी करता है। जबकि अन्य योनियां केवल भोग योनियां मानी जाती हैं।

योगाचार्य ने साधकों को बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और जीवन दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। योग के माध्यम से मनुष्य आत्म अनुशासन, संयम और संतुलित जीवन की ओर बढ़ सकता है।

शिविर में विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास भी कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने साधकों को सही तरीके से आसन करने और नियमित अभ्यास के लाभों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि योग शिविर के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त हुआ। उन्होंने भारतीय योग संस्थान द्वारा निशुल्क योग साधना केंद्र संचालित करने के प्रयासों की सराहना की।

आयोजकों ने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाता है। उनका लक्ष्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

शिविर का समापन योगाभ्यास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में योग साधक और संस्थान से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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