मासूम की तलाश में गुजरी रात, सुबह मिला शव

Update: 2026-07-10 12:53 GMT

लोनी (गाजियाबाद)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह साल के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा गुरुवार शाम झुग्गियों के पास खेलते समय अचानक लापता हो गया था। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन शुक्रवार सुबह उसका शव पानी से भरे करीब छह फीट गहरे गड्ढे में मिला।

यह दुखद घटना अंकुर विहार थाना क्षेत्र के मिलक गांव के पास की है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले के पकरी थाना क्षेत्र के रहने वाले सतीश अपने परिवार के साथ मिलक गांव के पास बनी झुग्गियों में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुखवीरी, दो बेटियां और छह साल का बेटा बिहारी था। सतीश लोनी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में कूड़ा बीनने का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

परिजनों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण इलाके में जगह-जगह पानी भर गया था। गुरुवार शाम बच्चा झुग्गियों के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। काफी देर तक बच्चा वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू कर दी।

जब काफी खोजबीन के बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चला तो रात करीब 11 बजे परिजनों ने अंकुर विहार थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश अभियान शुरू किया। रात में पुलिस और परिजन आसपास के क्षेत्रों में बच्चे को तलाशते रहे।

शुक्रवार सुबह पुलिस और परिवार के लोगों ने दोबारा खोज शुरू की। इसी दौरान झुग्गियों के पास बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में बच्चे का शव दिखाई दिया। लोगों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

बताया जा रहा है कि यह गड्ढा बारिश के पानी से पूरी तरह भर गया था और इसकी गहराई करीब छह फीट थी। आशंका जताई जा रही है कि खेलते समय बच्चा गलती से पानी भरे गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में इलाके में कई जगह जलभराव हो जाता है। खुले गड्ढे और पानी भरे स्थान बच्चों के लिए खतरा बन जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक गड्ढों को चिन्हित कर उन्हें भरवाया जाए या सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

मासूम बिहारी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास रहने वाले लोग भी इस हादसे से गमगीन हैं और पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

बरसात के मौसम में जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को ऐसे स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह के दुख का सामना न करना पड़े।

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