मुफ्फरनगर: खतौली थाना क्षेत्र में नकाबपोश हमलावरों के हमले में गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय अक्षय की मेरठ के निजी अजस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना सोमवार, 26 अक्टूबर की शाम की है। युवक की मौत के बाद मंगलवार को परिजन और ग्रामीण खतौली थाने पहुंचे तथा आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मृतक की पत्नी के भाई समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। परिवार ने प्रेम विवाह से नाराजगी और पुरानी धमकियों को घटना से जोड़ते हुए ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में भी विवाह से संबंधित रंजिश का पहलू सामने आने की जानकारी दी गई है। 
जानसठ रोड पर दोस्त के साथ था अक्षय
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, बिहारीपुर गांव निवासी अक्षय सोमवार शाम अपने दोस्त आकाश के साथ खतौली के जानसठ रोड पर चूना भट्ठी के पास मौजूद था। इसी दौरान हमलावरों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में एक बाइक पर तीन नकाबपोश युवकों के पहुंचने और ईंटों से वार किए जाने का उल्लेख है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल हुआ और बीच-बचाव के दौरान आकाश घायल हुआ। शोर होने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल अक्षय को उपचार के लिए मेरठ ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। वारदात से पहले घटनास्थल पर क्या बातचीत हुई और हमला किस क्रम में किया गया, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। मौके पर मौजूद लोगों के बयान इन परिस्थितियों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।
डेढ़ साल पहले किया था प्रेम विवाह
अक्षय ने करीब डेढ़ साल पहले सराय रसूलपुर की युवती से विवाह किया था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों परिवार के विरोध के बाद घर से चले गए थे और उन्होंने प्रयागराज में कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद दंपती नोएडा में रह रहा था। अक्षय निजी कंपनी में नौकरी करता था। परिजनों का आरोप है कि युवती के परिवार के कुछ सदस्य इस विवाह से नाराज थे। हिन्दुस्तान की खबर में परिवार की ओर से पहले धमकी दिए जाने का आरोप भी दर्ज है। हालांकि, कथित धमकियों से संबंधित किसी पूर्व शिकायत का विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया है। विवाह का विरोध और हत्या की जिम्मेदारी अलग जांच योग्य पहलू हैं। किसी रिश्तेदार का नाराज होना अपने आप अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस को आरोपों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान करना होगा।
मेरठ में उपचार के दौरान हुई मौत
हमले के बाद अक्षय को मेरठ के पल्लवपुरम स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अमर उजाला के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने बताया कि पहले जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसे मौत के बाद हत्या के मामले में परिवर्तित किया गया। घटना और मौत के बीच का चिकित्सकीय विवरण जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा। चोटों की प्रकृति तथा मृत्यु के कारण का निर्धारण संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड से किया जाएगा। उपलब्ध खबरों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। इसलिए केवल शुरुआती विवरण के आधार पर घातक चोटों की संख्या या किसी एक वार को मृत्यु का निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा।
गिरफ्तारी की मांग लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण
अक्षय की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण मंगलवार सुबह खतौली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन भी थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली। शुरुआती रिपोर्टों में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात कही गई थी। परिवार का आक्रोश युवक की मौत और हमलावरों के फरार होने को लेकर था। पुलिस के सामने अब आरोपितों की पहचान के साथ हमले की योजना, मौके पर मौजूद लोगों और संभावित सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी अलग स्थितियां हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में दो लोगों से पूछताछ की जानकारी है; इसे सभी आरोपितों की गिरफ्तारी या मामले का पूरा खुलासा नहीं माना जा सकता।
नोएडा से बुलाने के पहलू की भी पड़ताल
रॉयल बुलेटिन की रिपोर्ट में अक्षय को कथित तौर पर किसी बहाने से नोएडा से खतौली बुलाए जाने की जांच का उल्लेख है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि वह घटनास्थल पर कैसे पहुंचा और हमलावरों को उसकी मौजूदगी की जानकारी किस तरह मिली। रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जल्द वारदात का खुलासा करने की बात कही है। अभी बुलाने वाले व्यक्ति, बातचीत के विवरण और संभावित साजिश के बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इन बिंदुओं पर मिले साक्ष्यों से जांच की दिशा तय होगी। फिलहाल अक्षय की मौत, हत्या के मामले में जांच और दो लोगों से पूछताछ मुख्य घटनाक्रम हैं। नामजद व्यक्तियों की पूरी सूची, दर्ज धाराओं और औपचारिक गिरफ्तारियों का विस्तृत पुलिस विवरण सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। संबंधित पक्ष पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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