गाजीपुर में दर्दनाक हादसा, सबमर्सिबल के पास गए कर्मचारी को लगा करंट, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में स्थित सबमर्सिबल पंप में करंट उतरने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामप्रवेश की मौत हो गई। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है और वह मरदह क्षेत्र का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, रामप्रवेश मलेरिया विभाग के पीछे स्थित सबमर्सिबल पंप के पास लघुशंका करने गया था। इसी दौरान वह कथित तौर पर बिजली के करंट की चपेट में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग परिसर में अफरातफरी मच गई। हादसे के बाद कर्मचारी की मौत की पुष्टि होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय के कर्मचारियों और परिचितों में शोक का माहौल है। वहीं, सरकारी कार्यालय परिसर में बिजली के उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीएमओ कार्यालय परिसर में हुआ दर्दनाक हादसा
घटना गाजीपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर की है।
बुधवार शाम कार्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामप्रवेश सबमर्सिबल पंप के पास पहुंचा था।
बताया जा रहा है कि पंप में बिजली का करंट उतर रहा था।
इसी दौरान रामप्रवेश करंट की चपेट में आ गया।
बिजली का झटका लगने से उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरातफरी मच गई।
हादसे के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग परिसर में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
मलेरिया विभाग के पीछे स्थित था सबमर्सिबल पंप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस सबमर्सिबल पंप के पास हादसा हुआ, वह मलेरिया विभाग के पीछे स्थित है।
रामप्रवेश बुधवार शाम इसी स्थान के पास लघुशंका करने गया था।
उसी समय वह बिजली के संपर्क में आ गया।
सबमर्सिबल पंप पानी की आपूर्ति के लिए उपयोग किया जाने वाला विद्युत उपकरण है।
यदि इससे संबंधित तारों, मोटर या अन्य विद्युत उपकरणों में खराबी आ जाए, तो आसपास के धातु वाले हिस्सों में करंट आने का खतरा हो सकता है।
हालांकि, इस विशेष घटना में करंट किस तकनीकी खराबी के कारण उतरा, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मरदह क्षेत्र का रहने वाला था रामप्रवेश
मृतक की पहचान गाजीपुर जिले के मरदह क्षेत्र निवासी रामप्रवेश के रूप में हुई है।
उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है।
वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था।
रामप्रवेश स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय से जुड़े दैनिक कार्यों में अपनी सेवाएं देता था।
उसकी अचानक मौत की खबर से परिचितों और सहकर्मियों को गहरा आघात पहुंचा है।
फिलहाल उसके परिवार के सदस्यों और पारिवारिक परिस्थितियों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
करंट लगते ही परिसर में मची अफरातफरी
सरकारी कार्यालय परिसर में कर्मचारी की करंट लगने से मौत की घटना गंभीर है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही हादसे की जानकारी आसपास मौजूद लोगों को हुई, परिसर में अफरातफरी मच गई।
कर्मचारी की मौत से कार्यालय के अन्य कर्मियों में शोक का माहौल बन गया।
इस घटना ने सरकारी भवनों में लगे विद्युत उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान खींचा है।
विशेष रूप से उन स्थानों पर विद्युत सुरक्षा का पर्याप्त प्रबंध होना आवश्यक है, जहां कर्मचारी और आम लोग नियमित रूप से आते-जाते हैं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
हादसे के बाद रामप्रवेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम के माध्यम से मृत्यु के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि की जा सकेगी।
प्रारंभिक जानकारी में मौत की वजह बिजली का करंट लगना बताई गई है।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट होंगी।
इस दौरान यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि सबमर्सिबल पंप में करंट उतरने की स्थिति कब और कैसे बनी।
फिलहाल किसी विद्युत उपकरण में विशेष तकनीकी खराबी पाए जाने या उसके संबंध में जांच रिपोर्ट जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी परिसर की विद्युत सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में बिजली से जुड़े उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत को सामने रखा है।
सबमर्सिबल पंप, मोटर, बिजली के तार और स्विच बोर्ड जैसी व्यवस्थाओं में सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है।
विशेष रूप से पानी के आसपास लगे विद्युत उपकरणों में खराबी होने पर खतरा अधिक बढ़ सकता है।
ऐसे स्थानों पर सही अर्थिंग और विद्युत सुरक्षा उपकरणों का होना जरूरी है।
समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण करके संभावित खराबियों की पहचान की जा सकती है।
हालांकि, रामप्रवेश की मौत के मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उपकरण का अंतिम निरीक्षण कब हुआ था।
क्या उपकरण में पहले से थी खराबी?
रामप्रवेश की मौत के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि सबमर्सिबल पंप में करंट आने की वजह क्या थी।
क्या पंप के विद्युत तारों में खराबी थी या किसी अन्य तकनीकी कारण से करंट फैला, इसकी जानकारी जांच से सामने आ सकती है।
यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि पंप के आसपास कोई चेतावनी संकेत मौजूद था या नहीं।
यदि उपकरण में पहले से तकनीकी समस्या थी, तो उसकी सूचना संबंधित कर्मचारियों को मिली थी या नहीं, यह भी जांच का विषय हो सकता है।
हालांकि, फिलहाल ऐसी किसी पूर्व शिकायत या लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या विभाग को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यालय परिसर में बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं का उपयोग प्रतिदिन किया जाता है।
ऐसे में इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी जरूरी है।
विद्युत उपकरणों के आसपास पानी का जमाव, क्षतिग्रस्त तार या सुरक्षा व्यवस्था की कमी जैसी परिस्थितियां दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
इसलिए सरकारी कार्यालयों में समय-समय पर विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराया जाना उपयोगी हो सकता है।
इसके अतिरिक्त खराब उपकरणों की तुरंत मरम्मत और कर्मचारियों को संभावित खतरों की जानकारी देना भी आवश्यक है।
करंट लगने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बिजली का करंट लगने की घटनाओं में तुरंत और सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है।
यदि कोई व्यक्ति विद्युत प्रवाह के संपर्क में है, तो उसे सीधे हाथ से छूना खतरनाक हो सकता है।
सबसे पहले सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति बंद की जानी चाहिए।
इसके बाद आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए।
यदि व्यक्ति बेहोश है या उसकी सांस नहीं चल रही है, तो प्रशिक्षित व्यक्ति चिकित्सा सहायता आने तक सीपीआर दे सकता है।
बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं में बिना सुरक्षा उपाय अपनाए घायल व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
विभागीय जांच से सामने आ सकते हैं कारण
सीएमओ कार्यालय परिसर में हुई इस घटना की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
जांच में सबमर्सिबल पंप की वायरिंग, अर्थिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की स्थिति का परीक्षण किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त संबंधित परिसर में बिजली की आपूर्ति और उपकरणों के रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे जा सकते हैं।
यदि किसी प्रकार की तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे दूर करने की आवश्यकता होगी।
हालांकि, इस घटना में विभागीय जांच शुरू होने या किसी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपे जाने का आधिकारिक विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
कर्मचारी की मौत से स्वास्थ्य विभाग में शोक
रामप्रवेश की मौत से गाजीपुर के स्वास्थ्य विभाग परिसर में शोक का माहौल है।
वह लंबे समय से कार्यालय में कार्यरत था या उसकी नियुक्ति कब हुई थी, इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है।
लेकिन ड्यूटी स्थल पर किसी कर्मचारी की अचानक मौत होना गंभीर और दुखद घटना है।
ऐसे मामलों में मृतक के परिवार को निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध सहायता और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी देना भी महत्वपूर्ण होता है।
इसके साथ ही हादसे के कारणों की जांच कर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय किए जाने चाहिए।
अब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर
गाजीपुर के सीएमओ कार्यालय परिसर में सबमर्सिबल पंप से करंट लगने के कारण रामप्रवेश की मौत की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।
मलेरिया विभाग के पीछे हुए हादसे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अब यह पता लगाना आवश्यक होगा कि सबमर्सिबल में करंट कैसे उतरा और क्या हादसे को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध थे।
फिलहाल रामप्रवेश की मौत से स्वास्थ्य विभाग में शोक है। पोस्टमार्टम और संभावित तकनीकी जांच के बाद घटना के कारणों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।