अयोध्या। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रामनगरी अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सहवाग प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बजरंगबली के सामने माथा टेककर देशवासियों की खुशहाली की कामना की।
अयोध्या पहुंचने पर सहवाग की एक झलक पाने के लिए उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर और आसपास मौजूद क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें पहचानते ही अभिवादन किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व क्रिकेटर ने शांतिपूर्वक दोनों प्रमुख मंदिरों में दर्शन एवं पूजन किया।
हनुमानगढ़ी में पुजारी राजू दास भी वीरेंद्र सहवाग के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने पूर्व क्रिकेटर को मंदिर की धार्मिक मान्यताओं, इतिहास और अयोध्या में हनुमानगढ़ी के विशेष महत्व की जानकारी दी। दर्शन के दौरान सहवाग पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आए।
 कई वर्षों बाद दर्शन का मिला सौभाग्य
रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों के बाद उन्हें अयोध्या आकर दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां पहुंचकर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
सहवाग ने कहा कि रामनगरी की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां का वातावरण उन्हें अद्भुत अनुभूति करा रहा है। लंबे समय से उनके मन में अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने की इच्छा थी। अब यह प्रतीक्षा समाप्त हुई है और उन्हें प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
पूर्व क्रिकेटर के मुताबिक, रामलला के भव्य मंदिर में पहुंचना उनके लिए भावनात्मक क्षण था। दर्शन के बाद उन्होंने देश में शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे की कामना की। सहवाग की अयोध्या यात्रा का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिन्हें उनके प्रशंसकों ने काफी पसंद किया।
प्राण प्रतिष्ठा पर भी हुए थे भावुक
वीरेंद्र सहवाग ने जनवरी 2024 में अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भी अपनी भावनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की थीं। उस समय उन्होंने रामलला के विराजमान होने पर खुशी जताते हुए इसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण बताया था।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े खिलाड़ी, अभिनेता, राजनेता और अन्य प्रमुख हस्तियां भी रामलला के दर्शन कर चुकी हैं। सहवाग की यात्रा भी इसी क्रम में देखी जा रही है।
अयोध्या में इन दिनों सावन झूला उत्सव की भी शुरुआत हुई है। शहर के हजारों मंदिरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे अवसर पर सहवाग की उपस्थिति ने उनके प्रशंसकों और श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा दिया।
विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे सहवाग
वीरेंद्र सहवाग की गिनती भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे आक्रामक और सफल सलामी बल्लेबाजों में होती है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत की ओर से कुल 374 मैच खेले। इनमें 104 टेस्ट, 251 एकदिवसीय और 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं।
सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 49.34 की औसत से 8,586 रन बनाए। इस प्रारूप में उनके नाम 23 शतक और 32 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 319 रन है, जो उन्होंने वर्ष 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में 309 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। वह टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे।
एकदिवसीय क्रिकेट में सहवाग ने 8,273 रन बनाए, जिनमें 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च वनडे स्कोर 219 रन रहा। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 394 रन बनाए। वह वर्ष 2007 की टी20 विश्व कप विजेता और 2011 की वनडे विश्व कप विजेता भारतीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य भी रहे।
अपनी निडर बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और अनोखे अंदाज के कारण सहवाग ने दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच विशेष पहचान बनाई। क्रिकेट से संन्यास के बाद भी वह कमेंट्री, क्रिकेट विश्लेषण और सोशल मीडिया के माध्यम से खेल प्रेमियों से जुड़े हुए हैं।
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