कांवड़ मार्ग पर जलभराव, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

Update: 2026-07-28 11:10 GMT

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल रुड़की रोड सोमवार को भारी बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गई। सड़क पर कई-कई फीट पानी भर जाने के कारण वाहन आधे से ज्यादा पानी में डूबे नजर आए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रुड़की रोड पर हुए जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क पर इतना पानी भर गया कि लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई वाहन पानी में फंसे नजर आए। इस स्थिति ने नगर की जल निकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रुड़की रोड पर जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर बार बारिश के बाद अस्थायी इंतजाम करता है, लेकिन समस्या का मूल कारण दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि रुड़की रोड कांवड़ यात्रा का प्रमुख मार्ग है। हर साल लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर कई फीट पानी भर जाना श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत के युवा जिलाध्यक्ष ठाकुर गुलबहार राव ने जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन पिछले तीन वर्षों से लगातार रुड़की रोड की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या को लेकर आवाज उठा रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है और कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत खराब हो जाती है। पानी भरने के बाद लोग परेशान होते हैं, कुछ समय बाद पानी निकल जाता है और मामला फिर भुला दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

भाकियू नेता ने बताया कि कुछ दिन पहले जिला पंचायत सभागार में आयोजित किसान दिवस की बैठक में भी उन्होंने रुड़की रोड के जलभराव का मुद्दा उठाया था। बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को पहले ही चेतावनी दी थी कि बारिश के दौरान हालात गंभीर हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

ठाकुर गुलबहार राव ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क और नालों के स्तर में अंतर खत्म हो गया है। कई जगह नाले सड़क से ऊंचे हो गए हैं, जिसके कारण बारिश का पानी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता। उन्होंने कहा कि केवल पंप लगाकर पानी निकालना समस्या का समाधान नहीं है। इसके लिए सड़क का तकनीकी सर्वे कराकर स्थायी योजना बनानी होगी।

उन्होंने बताया कि जलभराव के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बारिश के दौरान गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और चारपहिया वाहन भी बीच सड़क पर बंद हो जाते हैं। कई बार आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रुड़की रोड पर बड़ी संख्या में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और बैंक्वेट हॉल हैं। जलभराव का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक दुकानों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं और कई जगह पानी भरने से आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रुड़की रोड की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली तेज बारिश में ही व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है।

भाकियू टिकैत ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि रुड़की रोड का तकनीकी सर्वे कराया जाए, सड़क को ऊंचा किया जाए, नालों का पुनर्निर्माण कराया जाए और आधुनिक जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए।

फिलहाल रुड़की रोड पर भरे पानी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर हर साल बनने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब किया जाएगा। वहीं, कांवड़ यात्रा को देखते हुए इस मार्ग की व्यवस्था सुधारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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