साहिबाबाद। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के ज्ञानखंड-एक में करंट लगने से हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई ने विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम बड़ा महवा अंजनौर निवासी बबलू उर्फ नरेंद्र काछी के रूप में हुई है। नरेंद्र इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-एक स्थित एक सोसायटी में साफ-सफाई का काम करता था और वहीं चौकीदारी भी करता था।
बताया गया कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे के बाद नरेंद्र अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान ज्ञानखंड-एक स्थित एक पार्क के पास रखे ट्रांसफार्मर के नजदीक पहुंचते ही वह अचानक करंट की चपेट में आ गया।
करंट इतना तेज था कि नरेंद्र मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के समय उसके साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिखाई दे रहा है कि करंट लगते ही साथ चल रहा युवक डरकर पीछे हट गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और नरेंद्र को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
मृतक के भाई कमलेश कुशवाहा ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि बिजली उपकरणों की उचित देखभाल और सुरक्षा उपाय किए गए होते तो हादसे को रोका जा सकता था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इंदिरापुरम पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसीपी सूर्यबली मौर्या ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान घटना स्थल की स्थिति, ट्रांसफार्मर की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभाग की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी बारिश और जलभराव के दौरान खुले बिजली उपकरणों के कारण हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विद्युत निगम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करे और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।