मेरठ : मेडिकल थाना क्षेत्र के सराय काजी इलाके में विवाद के बाद एक युवक के साथ कथित मारपीट और उसके बाद घर में घुसकर परिवार के सदस्यों से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में पीड़िता आरती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ को शिकायती पत्र देकर नीशू, अखलेश, जतिन, गोलू समेत दो-तीन अज्ञात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायती पत्र के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की शाम करीब छह बजे आरती के पति का नीशू और अखलेश से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद मोहल्ले के लोगों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। पीड़िता का आरोप है कि समझौता होने के बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और दो दिन बाद उसके पति को रास्ते में घेरकर हमला किया गया।
आरती ने अपनी शिकायत में बताया कि 9 अगस्त की रात करीब आठ बजे उसका पति काम से वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान बुद्धा गार्डन के पास नीशू, अखलेश, जतिन और गोलू समेत कुछ लोगों ने उसे कथित तौर पर घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद उसके पति के साथ लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से मारपीट की गई। हमले में उसके पति के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। पीड़िता के अनुसार, किसी तरह वह वहां से बचकर अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
शिकायती पत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि घटना की सूचना पुलिस सहायता केंद्र के मोबाइल नंबर पर दिए जाने के बाद भी विवाद थमा नहीं। पीड़िता का दावा है कि नीशू, अखलेश, जतिन, गोलू और दो-तीन अन्य लोग कथित तौर पर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इससे घर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
आरती ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके देवर गौरव पर भी हमला करने की कोशिश की गई। शिकायत के अनुसार, नीशू ने डंडे से गौरव के सिर पर वार करने का प्रयास किया। गौरव ने बचाव के लिए हाथ आगे किया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई और हड्डी टूट गई। पीड़िता का कहना है कि उसके पति और देवर दोनों को चोटें आई हैं और उन्हें उपचार की आवश्यकता पड़ी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उसके पति और देवर गौरव का मेडिकल कराया गया। इसके बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरती के मुताबिक, बाद में जेल में दोबारा मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें उसके पति के चेहरे पर गंभीर चोट और देवर के हाथ में फ्रैक्चर की जानकारी सामने आई। चोटों की गंभीरता को देखते हुए दोनों को उपचार के लिए मेडिकल में भर्ती कराया गया।
आरती का आरोप है कि उसने घटना के संबंध में पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसने दावा किया कि 9 अगस्त को थाना मेडिकल में शिकायती पत्र देने का प्रयास किया गया था, लेकिन पुलिस ने उसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पीड़िता ने एसएसपी से आग्रह किया है कि थाना मेडिकल पुलिस को उसकी शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उसने अपने पति और देवर पर कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग मारपीट करते नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है कि वीडियो इसी घटना से संबंधित है या नहीं। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि भी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ और लगाए गए आरोप कितने सही हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।