देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने शनिवार, 17 अक्टूबर को बताया कि कांग्रेस 22 से 25 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकालेगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन के जरिए पार्टी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाएगी।देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस की न्याय यात्रा गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचकर राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर संवाद करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आम लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। कांग्रेस इन मुद्दों को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी।
22 से 25 अक्टूबर तक पूरे उत्तराखंड में न्याय यात्रा
कुमारी शैलजा ने बताया कि न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसका प्रमुख उद्देश्य अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को आगे बढ़ाना और महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार तथा प्रदेश के संसाधनों से जुड़े सवालों को जनता के सामने रखना है।उन्होंने कहा कि पार्टी गढ़वाल और कुमाऊं के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता स्थानीय समस्याओं को भी उठाएंगे। पार्टी का दावा है कि राज्य में बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता की चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।कांग्रेस ने न्याय यात्रा को व्यापक जनसंपर्क अभियान के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई है। हालांकि, यात्रा की शुरुआत को लेकर कुछ रिपोर्टों में 22 अक्टूबर और कुछ में 23 अक्टूबर की तारीख सामने आई है। कुमारी शैलजा के बयान के अनुसार, कार्यक्रम 22 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित है।
27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव
न्याय यात्रा के बाद कांग्रेस 27 अक्टूबर को गैरसैंण स्थित विधानसभा का घेराव करेगी। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस दौरान पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर विभिन्न जनसमस्याओं पर जवाबदेही की मांग करेगी।कुमारी शैलजा ने कहा कि विधानसभा घेराव में समान विचारधारा वाले लोगों से भी शामिल होने की अपील की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा सत्र चुनाव से पहले का अंतिम सत्र हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर उठाने की तैयारी कर रही है।
अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग
कांग्रेस के इस आंदोलन का प्रमुख मुद्दा अंकिता भंडारी हत्याकांड है। सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उनका शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।इस मामले में दोषियों को अदालत से सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों को लेकर अंकिता के परिजन लगातार जांच की मांग करते रहे हैं। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को अपने आंदोलन में प्रमुख स्थान दिया है।कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में न्याय सुनिश्चित किए जाने तक कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की मांगों पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
महिलाओं की सुरक्षा और बेरोजगारी भी प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि न्याय यात्रा केवल अंकिता भंडारी मामले तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसर, भ्रष्टाचार और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाएगी।उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने से युवाओं की परेशानियां बढ़ी हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी कांग्रेस सरकार से सवाल करेगी। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इन पर सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।
सड़क से विधानसभा तक आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह अपने आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक ले जाएगी। न्याय यात्रा के दौरान जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि गैरसैंण में विधानसभा घेराव के जरिए राज्य सरकार के सामने मांगें रखी जाएंगी।कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग जारी रखेगी। अब 22 से 25 अक्टूबर की प्रस्तावित न्याय यात्रा और 27 अक्टूबर के विधानसभा घेराव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों तथा प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नजर रहेगी।