हरिद्वार। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान जांच से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां अधिकारियों के साथ साझा कर दी हैं। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब 17 अक्टूबर 2026 को CBI की टीम अंकिता भंडारी मामले के सिलसिले में राठौर तक पहुंची और उनसे पूछताछ की।हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुरेश राठौर ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और इस संबंध में उन्हें इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान जांच से जुड़ी आवश्यक बातें CBI के अधिकारियों को बता दी गई हैं। हालांकि, उन्होंने पूछताछ के दौरान पूछे गए सवालों या साझा की गई जानकारियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया।
CBI की पूछताछ के बाद राठौर का बयान
सुरेश राठौर ने पत्रकारों से कहा, "मैंने जांच में सहयोग किया है—न इससे कम, न इससे ज्यादा। मुझे इस पर और कुछ नहीं कहना है। पूछताछ के दौरान हमने CBI को पूरा सहयोग दिया... जांच से जुड़ी सभी जरूरी बातें मैंने उनके साथ साझा कर दी हैं।"उनके इस बयान के बाद अंकिता भंडारी मामले की जांच को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, CBI की पूछताछ में कौन-कौन से सवाल किए गए और राठौर से मिली जानकारी का जांच पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CBI की टीम शनिवार को राठौर के आवास पर पहुंची थी। बाद में हरिद्वार स्थित बीएचईएल के शिवालिक गेस्ट हाउस में भी उनसे पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई।
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने CBI अधिकारियों से की मुलाकात
यह घटनाक्रम अंकिता भंडारी के माता-पिता की CBI के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के एक दिन बाद सामने आया। 16 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में CBI मुख्यालय पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारियां साझा की थीं। इस मुलाकात के दौरान गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी भी उनके साथ मौजूद थे।रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने मामले के कथित वीआईपी एंगल की जांच पर जोर दिया और पूर्व विधायक सुरेश राठौर तथा अभिनेत्री उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग रखी। यह मांग अंकिता के परिजनों की ओर से की गई है। इसे किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।CBI अधिकारियों ने परिवार को मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के बाद एजेंसी की ओर से की गई पूछताछ को जांच की आगे की प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जा रहा है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। 19 वर्षीय अंकिता का शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।इस मामले में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अंकिता के परिजन चाहते हैं कि इस पहलू की भी गहराई से जांच की जाए और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए।
कथित वीआईपी एंगल पर जांच जारी
अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका का मुद्दा हाल के दिनों में फिर चर्चा में आया है। परिवार की मांगों, विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच CBI की जांच पर लोगों की नजर बनी हुई है।पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूछताछ के बाद जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। हालांकि, उनकी ओर से दिए गए बयान से जांच के निष्कर्षों के बारे में कोई अंतिम जानकारी नहीं मिलती। किसी व्यक्ति से पूछताछ होना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध साबित नहीं करता।अब मामले में जांच एजेंसी की ओर से सामने आने वाले तथ्यों और आधिकारिक बयानों का इंतजार है। फिलहाल, इस घटनाक्रम में दो बातें प्रमुख हैं—अंकिता के परिवार की कथित वीआईपी एंगल की जांच कराने की मांग और सुरेश राठौर का यह दावा कि उन्होंने CBI को आवश्यक जानकारी देकर पूरा सहयोग किया है।