देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला एवं विधानसभा प्रभारियों की घोषणा करते हुए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही प्रदेश संगठन के उपाध्यक्षों को विभिन्न फ्रंटल संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों का दायित्व भी दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और जमीनी स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों को गति देना है। कांग्रेस ने देहरादून सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक तैयारियों को तेज करने के संकेत दिए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जारी की नियुक्तियों की सूची

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मंजूरी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जिला और विधानसभा प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने कुल 27 संगठनात्मक जिलों और सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की है।

संगठनात्मक जिलों में आठ प्रदेश उपाध्यक्षों और 19 महासचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त विभागों एवं प्रकोष्ठों की निगरानी के लिए 16 उपाध्यक्षों और 18 महासचिवों को दायित्व सौंपे गए हैं।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नियुक्तियों से संगठनात्मक गतिविधियों में समन्वय बढ़ेगा और आगामी चुनाव के लिए तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

देहरादून में तीन वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी

राजधानी देहरादून में कांग्रेस ने संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी अनुभवी पदाधिकारियों को दी है। प्रदेश महासचिव विजय गुनसोला को देहरादून शहर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल को पछवादून और प्रदेश महासचिव अरविंद प्रधान को परवादून का प्रभार सौंपा गया है।

इन तीनों नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने, स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाए रखने और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

देहरादून में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरण अलग-अलग हैं। ऐसे में कांग्रेस ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग प्रभारी नियुक्त कर स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की तैयारी की है।

कई जिलों में उपाध्यक्षों को बनाया गया प्रभारी

कांग्रेस की नई सूची में प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप को पौड़ी, दर्शन लाल को हरिद्वार ग्रामीण और संजय जैन को रुड़की की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा सतीश नैनवाल को ऊधमसिंह नगर, मधु को रुद्रपुर, हेमंत बगड़वाल को अल्मोड़ा और राजेंद्र पाल को चंपावत का प्रभारी बनाया गया है।

पार्टी ने विभिन्न जिलों में ऐसे पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने का प्रयास किया है, जो संगठनात्मक गतिविधियों में अनुभव रखते हैं।

नवनियुक्त प्रभारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा करें और स्थानीय कार्यकर्ताओं की समस्याओं एवं सुझावों को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएं।

महासचिवों को भी सौंपे गए महत्वपूर्ण जिले

प्रदेश महासचिव नीरज त्यागी को पुरोला, अभिषेक सिंह को उत्तरकाशी, वीरेंद्र पोखरियाल को टिहरी और राकेश राणा को देवप्रयाग का प्रभारी बनाया गया है।

दीप शर्मा को रुद्रप्रयाग, नवीन जोशी को चमोली, राकेश पाल शाह को कोटद्वार ग्रामीण और अनिल भास्कर को कोटद्वार शहरी की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह नरेंद्र राणा को हरिद्वार, राव शेर मोहम्मद को रुड़की, सुमित्तर भुल्लर को काशीपुर और शोभा बिष्ट को हल्द्वानी का प्रभारी बनाया गया है।

गणेश उपाध्यक्ष को नैनीताल, संदीप चीमा को रानीखेत, पुष्कर जैन को बागेश्वर, संजय किरोला को पिथौरागढ़ तथा राजेंद्र को डीडीहाट का प्रभार सौंपा गया है।

इन नियुक्तियों के माध्यम से कांग्रेस ने गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का वितरण किया है।

युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के लिए भी प्रभारी नियुक्त

कांग्रेस ने केवल जिला और विधानसभा स्तर तक ही फेरबदल सीमित नहीं रखा है। पार्टी के फ्रंटल संगठनों और विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए भी प्रभारियों की घोषणा की गई है।

प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

पूर्व विधायक मनोज रावत को एसआईआर कमेटी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपाध्यक्ष लाल चंद शर्मा को सैनिक प्रकोष्ठ और राजीव महर्षि को प्रचार-प्रसार का दायित्व सौंपा गया है।

इन नियुक्तियों को युवाओं, छात्रों, पूर्व सैनिकों और अन्य सामाजिक वर्गों से जुड़े संगठनात्मक कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी

कांग्रेस की नई रणनीति में बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि के अनुसार, पदाधिकारियों के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

प्रभारियों को नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करने, संगठनात्मक बैठकों की समीक्षा करने और कार्यकर्ताओं के सुझाव प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने को कहा गया है।

पार्टी की योजना स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और जनता के साथ संवाद बढ़ाने की है।

कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध तथा किसानों और युवाओं की समस्याओं को राजनीतिक गतिविधियों में प्रमुखता देने की तैयारी कर रही है।

2027 विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की नजर

उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 70 में से 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं।

कांग्रेस के सामने अगले चुनाव में अपने जनाधार को बढ़ाने और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की चुनौती है।

राजनीतिक दृष्टि से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और नैनीताल जैसे जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों का महत्व है। इन क्षेत्रों में मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए पार्टी स्थानीय इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है।

जल्द तैयार होगी पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि पार्टी जल्द ही आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेगी।

इसके बाद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिल सके।

नवनियुक्त प्रभारियों को स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जिला, विधानसभा और बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों।

संगठन में नई नियुक्तियों से चुनावी तैयारियों को मिलेगी गति

कांग्रेस की नई नियुक्तियों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व देकर जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया है।

अब इन प्रभारियों के सामने स्थानीय संगठन को सक्रिय रखने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और प्रदेश नेतृत्व के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर लागू करने की चुनौती होगी।

आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों का असर संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में कितना दिखाई देता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल कांग्रेस ने नई जिम्मेदारियों के वितरण के साथ उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

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