श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा, जल्द खुलेगा मार्ग
रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा बुधवार सुबह एक बार फिर प्रभावित हो गई। पहाड़ों से अचानक पत्थर और भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही रोक दी है और मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
जिला आपदा परिचालन केंद्र के प्रभारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6:01 बजे सूचना प्राप्त हुई कि गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी क्षेत्र के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आ गया है। इसके चलते मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला आपदा परिचालन केंद्र की ओर से गौरीकुंड के सेक्टर अधिकारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
मौके पर जुटीं राहत एवं बचाव टीमें
मार्ग को सुचारु करने के लिए प्रशासन ने कई विभागों के कर्मचारियों को लगाया है। टीमें लगातार मलबा हटाने, रास्ते की स्थिति का जायजा लेने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मार्ग खोलने का काम सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। प्रशासन सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर युद्धस्तर पर काम कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा के लिए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक पैदल मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित नहीं घोषित किया जाता, तब तक यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौके पर जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ), वाईएमएफ, आपदा मित्र, एमपीएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
स्थिति पर लगातार रखी जा रही नजर
प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग की स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
केदारनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं चुनौती बनती रहती हैं। ऐसे में प्रशासन समय-समय पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाता है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रियों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही सामान्य आवाजाही बहाल की जाएगी।