Monsoon का कहर जारी, कई राज्यों में अगले 24 घंटे भारी पड़ने की आशंका

Update: 2026-08-02 11:26 GMT

उत्तराखंड :  देशभर में सक्रिय मॉनसून के बीच मौसम विभाग ने कई राज्यों के पहाड़ी और तटीय इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों की जमीन पानी से पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है। ऐसे में अगले 24 घंटों के दौरान कई संवेदनशील जिलों में निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों के अचानक उफान पर आने तथा बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।मौसम विभाग ने रविवार को जारी चेतावनी में बताया कि तेज बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में बारिश का पानी तेजी से बहने लगता है और अचानक बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में खतरा

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों के नदी-नालों के आसपास के इलाकों में अचानक पानी बढ़ने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय प्रशासन को नदियों, नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बारिश के दौरान नदी किनारे जाने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी अलर्ट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई जिलों में भी अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामूला, डोडा, गांदरबल, कठुआ, किश्तवाड़, कुलगाम, पुंछ, पुलवामा, रामबन, श्रीनगर और उधमपुर जैसे क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।

लद्दाख के कारगिल और लेह जिलों के कुछ इलाकों में भी अचानक जलभराव और तेज बहाव वाली नदियों का खतरा बताया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदलने के कारण प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

उत्तराखंड में भी बढ़ा खतरा

उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के चलते फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में भी चिंता

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। तटीय कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव की आशंका जताई गई है।

केरल और माहे के कई जिलों में भी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। अलप्पुझा, एर्नाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोल्लम, कोट्टायम, कोझिकोड, मलप्पुरम, पलक्कड़, पथानामथिट्टा, तिरुवनंतपुरम और वायनाड में प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया है।दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के चिकमगलूर, हासन, कोडगु और शिवमोग्गा जिलों में भी अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी लेते रहें। नदियों, नालों, पहाड़ी ढलानों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के बीच राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।

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