रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बेड़पुर गांव में बुधवार को घर के बाहर खेल रहे छह साल के मासूम पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को चारों ओर से घेरकर बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, कलियर थाना क्षेत्र के बेड़पुर निवासी आबाद का छह वर्षीय बेटा नबी बारिश के दौरान घर के बाहर खेलने के लिए निकल गया था। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे के हाथ, पैर और गर्दन पर गहरे घाव कर दिए।
मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने कुत्तों को वहां से भगाया और घायल बच्चे को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। बच्चे को रुड़की के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत एंटी रेबीज वैक्सीन और सीरम लगाया। इसके अलावा गहरे घावों के कारण बच्चे के शरीर पर 20 से अधिक टांके लगाने पड़े।
डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत पर नजर रखी जा रही है। कुत्तों के हमले से बच्चा काफी डरा हुआ है और उसके मन में घटना का भय बना हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार, उसे सामान्य स्थिति में आने में कुछ समय लग सकता है। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रुड़की शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लगातार सक्रिय हैं। आदर्शनगर, सिविल लाइन, रामनगर, गणेशपुर और आजादनगर समेत कई क्षेत्रों में भी लोगों ने कुत्तों के आतंक की शिकायत की है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आवारा कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को ही सिविल अस्पताल में करीब 15 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए जल्द अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे या राहगीर के साथ ऐसी घटना न हो।
प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में कोई बड़ा कदम सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।