बाघ संरक्षण में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, CM धामी ने गिनाईं उपलब्धियां

Update: 2026-07-29 11:07 GMT

Uttarakhand: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि देश में बाघों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता और प्रभावी नीतियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस राष्ट्रीय सफलता में उत्तराखंड ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है और राज्य आज बाघ संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2006 की तुलना में देश में बाघों की संख्या में लगभग 160 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड में यह वृद्धि और भी अधिक रही है, जहां बाघों की संख्या में करीब 215 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार, वन विभाग, वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड के वनों में 560 बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह आंकड़ा राज्य की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक हैं। उनकी सुरक्षा का अर्थ है जंगलों, जल स्रोतों और जैव विविधता का संरक्षण।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आज देश में बाघों की संख्या और बाघ घनत्व, दोनों के मामले में शीर्ष स्थान पर है। यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अपनाई गई संरक्षण रणनीतियां, नियमित निगरानी, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

धामी ने कहा कि बाघ संरक्षण की सफलता का सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ा है। ईको-टूरिज्म को नई गति मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा हुए हैं। होटल, होम-स्टे, जंगल सफारी, गाइड सेवा, स्थानीय हस्तशिल्प और परिवहन जैसे क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को साथ लेकर चलना ही सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाघ संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा, ईको-टूरिज्म के विस्तार और वनों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए वन क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत की जा रही है, अवैध शिकार पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से वन्यजीवों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही स्थानीय समुदायों को भी संरक्षण अभियानों से जोड़कर जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा राज्य की सबसे बड़ी धरोहर है और इसे सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों, वन विभाग की सक्रिय भूमिका तथा आम जनता के सहयोग से उत्तराखंड भविष्य में भी वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण की यह सफलता केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह भारत की पर्यावरण संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।

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