गुलदार के हमले पर महिला ने किया पलटवार

Update: 2026-07-29 14:00 GMT

उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अदम्य साहस दिखाते हुए खूंखार गुलदार का सामना किया और अपनी जान बचाने में सफल रहीं। जंगल में घास काटने गई महिला पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया, लेकिन उन्होंने डरने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपनी दरांती से गुलदार पर वार कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस घटना के बाद महिला की बहादुरी की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।

यह मामला अगस्त्यमुनि विकासखंड के पठालीधार क्षेत्र स्थित कोटी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गांव की रहने वाली 64 वर्षीय नारायणी देवी बुधवार को अपने मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। वह घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर जंगल में घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा हुआ गुलदार अचानक उनके सामने आ गया और बिना कोई मौका दिए उन पर हमला कर दिया।

अचानक हुए इस हमले से कोई भी व्यक्ति घबरा सकता था, लेकिन नारायणी देवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत अपने हाथ में मौजूद दरांती को हथियार बनाया और गुलदार का सामना करना शुरू कर दिया। महिला ने गुलदार के मुंह और शरीर पर दरांती से कई वार किए। लगातार हमले से गुलदार घबरा गया और वहां से भाग निकला। हालांकि, इस संघर्ष के दौरान गुलदार के पंजों से महिला के हाथ और पैरों में चोटें आईं।

घायल होने के बावजूद नारायणी देवी ने हिम्मत दिखाई और किसी तरह अपने घर पहुंचीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

सीएचसी अगस्त्यमुनि की चिकित्सक डॉ. प्रियांशी ने बताया कि महिला के हाथ और पैरों में खरोंच के निशान हैं। उन्हें एहतियात के तौर पर 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार है।

नारायणी देवी के पुत्र पंकज सिंह ने बताया कि गांव में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। उन्होंने कहा कि जंगलों में गुलदार की बढ़ती सक्रियता के कारण ग्रामीणों के लिए अब रोजमर्रा के काम भी जोखिम भरे हो गए हैं। खासकर महिलाओं को मवेशियों के लिए घास और लकड़ी लेने जंगल जाना पड़ता है, जहां कभी भी वन्यजीवों का सामना हो सकता है।

घटना के बाद कोटी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में बड़ी घटना हो सकती है।

वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर पंत ने बताया कि महिला पर उस समय हमला हुआ जब वह जंगल में घास काट रही थीं। वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

रुद्रप्रयाग की नारायणी देवी ने जिस साहस का परिचय दिया है, वह सभी के लिए प्रेरणा है। उम्र के इस पड़ाव में भी उन्होंने सूझबूझ और हिम्मत से खुद को बचाया। उनकी बहादुरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल हालात में आत्मविश्वास और साहस सबसे बड़ा हथियार बन सकता है।

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