Uttarakhand: 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, खराब मौसम के चलते 5 जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड मौसम अपडेट

Update: 2026-07-28 02:13 GMT

Dehradunउत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में 5 जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कें बाधित होने का खतरा अधिक बताया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिन पांच जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं, वहां छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें और मौसम से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 72 घंटों के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने, पहाड़ी ढलानों पर रुकने और जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्षों को सक्रिय कर दिया है। लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा अफवाहों से बचें। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।

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