बांकुड़ा। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में सरकारी स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के समर्थक शेख अब्दुल हफीज और उनके परिवार पर कथित हमले का मामला गरमा गया है। हमले में घायल हफीज के पिता माफिक की 15 अगस्त को अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद CJP ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
CJP का आरोप है कि हमलावर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता थे। हालांकि, यह राजनीतिक संबंध अभी पुलिस जांच में प्रमाणित नहीं हुआ है। भाजपा ने कहा है कि यदि उसके किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता सामने आती है और पुलिस शिकायत में उसका नाम दर्ज होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वीजी सतीश पसुमार्थी ने बताया कि मामले से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार हफीज की मां की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी मिली है। शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद तक पुलिस को लिखित शिकायत नहीं मिली थी और एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
स्कूल ठीक करो अभियान से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार शेख अब्दुल हफीज ने 13 अगस्त को CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत करिसुंडा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था। हफीज कभी इसी स्कूल में पढ़ते थे। अभियान का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों की इमारत, शौचालय, पेयजल, कक्षाओं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का सामाजिक निरीक्षण करना बताया गया है।
हफीज ने स्कूल परिसर में कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने की तैयारी की। उनका आरोप है कि स्कूल से लौटने के बाद शाम करीब आठ बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे। कथित हमलावरों ने स्कूल की हालत दिखाने वाले वीडियो हटाने और माफी मांगते हुए नया वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया।
हफीज के मुताबिक उनसे यह कहने के लिए भी कहा गया कि उन्होंने बाहरी लोगों के प्रभाव में आकर स्कूल का निरीक्षण किया था। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो कथित हमलावरों ने उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पिता के सिर पर लगी थी गंभीर चोट
हफीज ने अस्पताल से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया कि हमलावर धारदार हथियार लेकर आए थे। हमले में उनकी गर्दन पर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट आई। उनके सिर पर टांके लगाने पड़े और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हफीज के अनुसार कथित हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और स्कूल के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन से संबंधित वीडियो भी डिलीट करवा दिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल और पुलिस थाने जाने के दौरान परिवार को घेरकर धमकी दी गई।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार घटना की जानकारी मिलने के बाद इंदास थाने की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने स्थानीय वाहन की मदद से हफीज के माता-पिता को घर से निकालकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान 15 अगस्त को हफीज के पिता की मौत हो गई। मौत का वास्तविक कारण और चोटों से उसका संबंध चिकित्सा रिपोर्ट तथा पुलिस जांच से स्पष्ट होगा।
CJP ने बांकुड़ा पहुंचने का किया आह्वान
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने घटना की निंदा करते हुए कार्यकर्ताओं से बांकुड़ा पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
संगठन ने कहा कि किसी सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाने पर नागरिक के साथ हिंसा किया जाना गंभीर मामला है। CJP ने पश्चिम बंगाल पुलिस से निष्पक्ष जांच, आरोपियों की पहचान और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
भाजपा की बंगाल प्रवक्ता केया घोष ने आरोपों पर कहा कि पुलिस शिकायत में यदि भाजपा के कार्यकर्ताओं की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने साथ ही इसे भाजपा को बदनाम करने का प्रयास भी बताया। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और लिखित शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।