कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, पूर्व कृषि मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने आशीष बनर्जी को विनम्र, अनुभवी और जनता की सेवा के लिए समर्पित नेता बताते हुए दावा किया कि अपने अंतिम दिनों में उन्हें लगातार राजनीतिक दबाव, बदनामी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा था। ममता ने कहा कि यह घटना राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर करती है।
रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में पंखे से लटका मिला। यह पार्टी कार्यालय हत्तालापाड़ा स्थित उनके पैतृक आवास के पास बताया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कार्यालय को सील करते हुए वहां सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि आशीष बनर्जी की अचानक मौत से वह बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा और अध्यापन में लगा दिया। उनका रामपुरहाट ही नहीं, बल्कि बीरभूम जिले के लोगों से भी गहरा जुड़ाव था। अपनी विनम्रता और सरल व्यवहार के कारण वह आम लोगों, पुराने विद्यार्थियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना इसलिए अधिक पीड़ादायक है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि आशीष बनर्जी को अपने अंतिम दिनों में बहुत अधिक मानसिक और भावनात्मक तनाव सहना पड़ा। पांच बार विधायक, विधानसभा के उपाध्यक्ष और विभिन्न जिम्मेदारियों पर रहते हुए उन्होंने रामपुरहाट के विकास के लिए लगातार काम किया। इसके बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर कथित रूप से झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव बनाया गया।
ममता ने कहा कि जनता की सेवा के लंबे रिकॉर्ड के बावजूद आशीष बनर्जी को जिस परेशानी और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, वह चिंता का विषय है। उन्होंने बनर्जी के परिवार, रिश्तेदारों, पुराने विद्यार्थियों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंदेश के अनुसार, घटनास्थल से हाथ से लिखा एक कथित नोट बरामद हुआ है। इस नोट की प्रामाणिकता और लिखावट की जांच कराई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौत से पहले की परिस्थितियों, कॉल रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों की भी जांच कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित नोट में आशीष बनर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया है। नोट की उपलब्ध सामग्री के अनुसार उन्होंने लिखा कि वह छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन कभी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे। उन्होंने किसी काम के बदले पैसे लेने से भी इनकार किया।
फिलहाल कथित नोट में लिखी बातों और ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए राजनीतिक दबाव संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और पुलिस की विस्तृत छानबीन पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने रामपुरहाट क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया और राज्य सरकार में कृषि सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी अचानक मौत के बाद पश्चिम बंगाल में शोक के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
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