अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हंगामा, पुलिस की कार्रवाई में दो गिरफ्तार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुए हंगामे के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। उनके जन्मदिन के मौके पर घर के बाहर जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच विवाद के बाद झड़प हो गई। घटना में दोनों पक्षों के लोगों के साथ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। मामले में कोलकाता पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की हैं और दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।यह घटना दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके में अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर 6 और 7 नवंबर की दरमियानी रात हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी का 39वां जन्मदिन मनाने के लिए आधी रात के बाद बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर एकत्र हुए थे। शुरुआत में समर्थक जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उत्सव मनाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन कुछ समय बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जन्मदिन समारोह के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात से ही अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी। कार्यकर्ता बैनर, पोस्टर, केक और अन्य सामान लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों के पहुंचने और नारेबाजी किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। इसके बाद धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई। घटना ने कुछ ही देर में गंभीर रूप ले लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच इलाके में कई बार झड़प हुई। इस दौरान ईंट-पत्थर फेंके जाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की भी खबर सामने आई।
पुलिसकर्मियों से मारपीट के आरोप में दो गिरफ्तार
हंगामे के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप भी शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ शारीरिक मारपीट की और एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ भी मारा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों की पहचान और उनके राजनीतिक संगठन से संबंधित स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए उन्हें TMC के तीन कार्यकर्ताओं के रूप में बताने की पुष्टि नहीं होती।
मामले में दर्ज की गईं चार FIR
अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुए हंगामे को लेकर कालीघाट पुलिस थाने में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से दो मामले पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज किए हैं। एक शिकायत अभिषेक बनर्जी की ओर से दर्ज कराई गई, जबकि चौथी एफआईआर भाजपा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।अभिषेक बनर्जी की शिकायत में आरोप लगाया गया कि अज्ञात भाजपा समर्थकों ने उनके घर और तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ हमले की साजिश रची गई थी।वहीं, भाजपा की शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन का आयोजन सार्वजनिक सड़क पर किया गया, जिससे रास्ता बाधित हुआ और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। शिकायत में अभिषेक बनर्जी और उनके समर्थकों पर स्थानीय लोगों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विवाद में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा समर्थकों पर अपने आवास और पार्टी कार्यालय पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग पिछले दो दिनों से उनके आवास और कार्यालय की रेकी कर रहे थे। उनके मुताबिक, हमले में उनके कई समर्थक घायल हुए।उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रहे। अभिषेक ने इसे अपनी जान पर हमले की कोशिश बताते हुए मामले की जांच की मांग की।हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक सड़क पर जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किए जाने से स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि इस तरह का आयोजन किसी निजी स्थान पर भी किया जा सकता था।
ममता बनर्जी भी पहुंचीं, पुलिस पर उठाए सवाल
घटना के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर पहुंचीं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया और भाजपा पर हमला करने का आरोप लगाया।ममता बनर्जी ने घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के इशारे पर काम कर रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात भी कही।इसके अलावा ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर घटना को लेकर अपनी चिंता जताई।
इलाके में पुलिस बल तैनात, जांच जारी
घटना के बाद कालीघाट इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। संवेदनशील इलाके में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध संबंधी व्यवस्था भी लागू की गई।फिलहाल पुलिस चारों एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और चर्चा में ला दिया है।