नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इसे देश के राजनीतिक इतिहास में किसी राजनीतिक दल के बैंक खातों पर हुई बड़ी वित्तीय कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। ED की इस कार्रवाई के बाद बंगाल की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां जांच एजेंसी ने वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगाया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
केयरवेल ग्रुप से जुड़े मामले में कार्रवाई
ED के अनुसार, यह कार्रवाई कोलकाता स्थित केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज और केयरवेल एविएशन से जुड़े मामले की जांच के बाद की गई है। जांच एजेंसी ने हाल ही में कंपनी से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की थी। ED का दावा है कि यह मामला विधाननगर साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और कुछ संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच के दौरान एजेंसी को कुछ ऐसे लेनदेन मिले, जिनके आधार पर बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
2023 से 2026 के बीच लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के एचडीएफसी बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए गए। ED का आरोप है कि इस रकम में से करीब 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य संबंधित कंपनी को भेजे गए, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर एक बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इन हवाई संपत्तियों की खरीद में लगभग 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें विदेश से लिए गए असुरक्षित कर्ज की रकम भी शामिल थी।
फंड डायवर्जन का लगाया आरोप
ED ने आरोप लगाया है कि पार्टी के पैसों से खरीदे गए विमान और हेलीकॉप्टर को बाद में TMC को ही किराये पर उपलब्ध कराया गया। एजेंसी का दावा है कि उड़ान सेवाओं के नाम पर पार्टी के खातों से बड़ी रकम का भुगतान किया गया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वित्तीय लेनदेन का वास्तविक स्वरूप क्या था और क्या नियमों का उल्लंघन हुआ।
TMC ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक साजिश
ED की कार्रवाई पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इसे असंवैधानिक और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया। TMC का कहना है कि उसके बैंक खातों में जमा सभी धनराशि पूरी तरह पारदर्शी है और पार्टी ने अपने चंदे तथा वित्तीय जानकारी चुनाव आयोग और आयकर विभाग को नियमित रूप से उपलब्ध कराई है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। TMC ने कहा कि वह इस कार्रवाई का कानूनी तरीके से जवाब देगी।
जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। वहीं TMC ने भी इस कार्रवाई को चुनौती देने की बात कही है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर होगी। फिलहाल 440 करोड़ रुपये फ्रीज किए जाने के बाद बंगाल की राजनीति में यह मुद्दा बड़ा विवाद बन गया है।