हावड़ा से जैश-ए-मोहम्मद के कथित नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी, STF जांच में जुटी

Update: 2026-08-03 08:14 GMT

कोलकाता: पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को हावड़ा से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कथित ऑपरेटिव हमीम मंडल का संदिग्ध सहयोगी बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित जासूसी नेटवर्क की जांच के सिलसिले में की गई है।

STF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान आदित्य सिंह उर्फ राज उर्फ राजू के रूप में हुई है। उसे हावड़ा के बेलिलियस रोड इलाके से पकड़ा गया। अधिकारी के मुताबिक, यह गिरफ्तारी जांच के दौरान सामने आई कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी को हमीम मंडल और उसके कथित साथी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान आदित्य सिंह के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद STF ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी और सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

STF के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई जांच में मिली विशिष्ट जानकारी के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि एजेंसी अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

जांच एजेंसियां इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें शामिल लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था। अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, STF पहले से ही इस मामले में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही थी। इसी क्रम में पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के दौरान कई जानकारियां सामने आईं, जिनके आधार पर नई गिरफ्तारी की गई। हालांकि, अधिकारियों ने जांच से जुड़ी अधिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

STF की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में कुछ और लोगों से पूछताछ या कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य कथित नेटवर्क की पूरी संरचना को समझना और इसमें शामिल संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

आतंकी संगठनों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर संपर्कों, वित्तीय गतिविधियों, संचार माध्यमों और अन्य संभावित कड़ियों की जांच करती हैं। इस मामले में भी STF इसी तरह के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है ताकि मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां हासिल की जा सकें। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी की भूमिका केवल संपर्क तक सीमित थी या वह कथित नेटवर्क की किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल था।

पश्चिम बंगाल STF राज्य में सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसियों में से एक है। समय-समय पर यह संगठन राज्य में संदिग्ध गतिविधियों और गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करता रहा है।

इस गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी की नजर अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों पर है। अधिकारी ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे की जानकारी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही साझा की जाएगी।

फिलहाल आदित्य सिंह की गिरफ्तारी को कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। STF मामले की सभी संभावित कड़ियों को जोड़ने और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

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