Bangal बंगाल। पूर्व भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया ने व्यापार, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), विदेशी मुद्रा और रुपये की कीमत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में संतुलन बनाए रखने के लिए देशों के बीच व्यापार समझौते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एसएस अहलूवालिया ने कहा कि अगर किसी देश के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होता है तो केवल बाहर से सामान आने का रास्ता नहीं खुलता, बल्कि घरेलू उत्पादों को भी दूसरे देशों के बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यह दोतरफा व्यापार व्यवस्था होती है, जिससे दोनों देशों को फायदा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। उन्होंने बताया कि क्रूड ऑयल पर सबसे ज्यादा खर्च होता है और इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ता है। पूर्व सांसद ने कहा कि जब देश के पास डॉलर की उपलब्धता कम होती है तो रुपये की कीमत कमजोर होती है और डॉलर महंगा हो जाता है। इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों वाली वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
अहलूवालिया ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर एक डॉलर खरीदने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ें तो आयात महंगा हो जाता है। वहीं, अगर देश के पास ज्यादा विदेशी मुद्रा आती है तो डॉलर की कीमत कम हो सकती है और रुपये को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने और विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए व्यापार को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत व्यापार व्यवस्था से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है और आयात लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और रुपये की विनिमय दर को लेकर आर्थिक बहस जारी है।